घटना के बाद रोते बिलखते परिवार के लोग। अमर उजाला
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रुद्रपुर। पकड़ी बाजार के शहीद चौक स्थित देसी शराब की दुकान में सोमवार को एक बढ़ई की मौत हो गई। वह शराब खरीदने दुकान में गया था। वहीं लुढ़ककर गिर पड़ा। बताते हैं कि खरीदारी से पहले भी उसने शराब पी थी। सूचना पर पहुंचे घरवाले पंचनामा के बाद शव ले गए। पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है और न पोस्टमार्टम कराया है। उधर, घटना के बाद सेल्समैन दुकान बंद कर भाग गया।
भलुअनी के भेड़ा पाकड़ बुजुर्ग गांव निवासी रामाज्ञा विश्वकर्मा (45) बढ़ई का काम करता था। वह रोज की तरह सोमवार की सुबह पकड़ी बाजार पहुंच गया। बताते हैं कि उसने पकड़ी बाजार में दारू पीया। दोपहर 12 बजे देसी शराब की भट्ठी खुलने के बाद वह दुकान में पहुंच गया। दुकान के अंदर शराब लेकर वह पी रहा था। शराब पीते समय वह जमीन पर लेट गया। देर तक लेटा देख कुछ पीने वालों ने उसे हिलाया तो उसकी मौत हो चुकी थी। शराब की दुकान के अंदर मौत की घटना जानकर सेल्समैन आनन-फानन में शव बाहर कर वहां से भाग गया। घटना की जानकारी होते ही चौराहे पर लोगों की भीड़ जुट गई। मौजूद लोगों ने उसकी मौत का कारण कच्ची और देशी शराब का कॉकटेल बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के ईंट भट्ठों पर जमकर अवैध कच्ची शराब बनाई और बेची जा रही है। थानाध्यक्ष विद्यासागर ने बताया कि मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है, पुलिस अपने स्तर से छानबीन कर रही है।
चार बच्चों के सिर से छिना पिता का साया
शराब की लत ने पकड़ी बाजार में एक और कुनबे को उजाड़ दिया। शराब पीने के दौरान मौत के मुंह में पहुंचा रामाज्ञा के चार बच्चों के सिर से जहां पिता का साया उठ गया वहीं उसकी पत्नी पर उनके भरण पोषण का बोझ आ गया है। उसकी मौत की खबर सुन रोते बिलखते पकड़ी बाजार के देसी शराब की दुकान पहुंचा पूरा कुनबा बिलख रहा था। उसकी तीन बेटियां रिंकी, प्रियंका और ज्योति के अलावा एक बेटा सूरज के भविष्य अंधकार में डूब गया है।
शहीद चौक पर शराब की दुकान का विरोध
पकड़ी बाजार के शहीद चौक से 25 मीटर की दूरी पर देसी और अंग्रेजी शराब की दुकान को लेकर लोगों ने कड़ा विरोध जताया। लोगों ने शहीद चौक से शराब की दुकान हटाने की मांग की। उन्होंने पुलिस पर मामले को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। दयानंद वर्मा, नवीन यादव, कमलेश सिह, श्रवण तिवारी, महेश्वर पाठक, जयप्रकाश सिंह आदि ने पुलिस और आबकारी विभाग में कई बार शराब की दुकान हटाने को शिकायत करने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। शराब पीने वाले शराब पीकर शहीद की प्रतिमा को भी नुकसान पहुंचा चुके है। शराब की दुकान चलने से शहीद का रोज अपमान हो रहा है। इस बाबत कोतवाल विद्यासागर ने कहा कि मामले की शिकायत मिली कार्रवाई को आबकारी विभाग को लिखा गया है।