सकरापार में डबल मर्डर
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वक्त पर पहुंची पुलिस तो बची ओमप्रकाश की जान
प्वाइंटर
राहुल के पिता की पेड़ में बांधकर कर पिटाई कर रहे थे आरोपी
एक दरोगा और एक सिपाही ने लिखवाई तहरीर, बिफरे विधायक
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। अगर पुलिस समय से नहीं पहुंचती तो सकरापार गांव में सोमवार को तीसरी हत्या हो गई होती। राहुल के हत्यारोपी उसके पिता को पेड़ में बांधकर पीट रहे थे। सूचना पर पहुंची डायल-100 की टीम ने उन्हें बचा लिया। कुछ देर बाद पर्याप्त पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। वहीं, एक दरोगा और सिपाही के तहरीर लिखने पर सदर विधायक बिफर पड़े। उन्होंने मामले की सही तरीके से जांच करने की बात कही।
रविवार की रात हुई पुजारी मोती यादव की हत्या से नाराज परिवारवालों ने गांव के ही राहुल उर्फ पिंटू की सोमवार सुबह ईंट से कूंचकर हत्या कर दी। उसके पिता ओमप्रकाश पटेल को मंदिर के पास बुलाकर पेड़ में बांध दिया और पिटाई करने लगे। इसी दौरान गांव के ही सुनील यादव ने डायल-100 पर पुलिस को घटना की सूचना दी। कुछ देर बाद ही मौके पर टीम पहुंच गई और ओमप्रकाश पटेल को बचा लिया। लोगों का कहना था कि यदि पुलिस विलंब करती तो ओमप्रकाश की भी जान चली जाती।
घटना की सूचना पर एसपी एन. कोलांची मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गांव के कुछ लोगों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। उधर, ग्रामीणों के मुताबिक कोतवाली में एक दरोगा और सिपाही पुजारी मोती यादव के पक्ष की तरफ से तहरीर लिखकर गांव के दूसरे पक्ष के तमाम लोगों को फंसाने की बात कह रहे थे। उसी दौरान सदर विधायक जन्मेजय सिंह पहुंच गए। उन्होंने सिपाही और दरोगा की ऐसी मंशा पर नाराजगी जताते हुए सदर कोतवाल विजय नारायण से कहा कि मामले की सही तरीके से जांच कर दोषियों को जेल भेजें। इस मामले में कोई निर्दोष नहीं फंसना चाहिए।
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पांच नामजद समेत कई अज्ञात पर केस दर्ज
देवरिया। दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने सोमवार की शाम केस दर्ज किया। सदर कोतवाल के मुताबिक पुजारी मोती यादव के दामाद रामहोसिला यादव की तहरीर पर मृतक राहुल उर्फ पिंटू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। वहीं राहुल के पिता ओमप्रकाश पटेल की तहरीर पर दीना यादव, चिखुरी यादव पुत्रगण छांगुर यादव, श्री यादव पुत्र राधा, चंदन व सूरज पुत्रगण रामहोसिला सहित कई अज्ञात पर हत्या और बलवा समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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लोगों ने कहा- नशे का आदती था पिंटू
देवरिया। पुजारी के परिवार के लोगों के गुस्से का शिकार हुआ राहुल उर्फ पिंटू का पुजारी की हत्या करना लोगों के गले नहीं उतर रहा है। गांव में हर तरफ यह चर्चा रही कि अकेले शव को तालाब में कोई कैसे फेंकेगा..? गांव के लोगों का कहना है कि राहुल मंदिर के पास ही अपने टीनशेड में रहता था। वह नशे का आदती था। यह भी बताया जा रहा है कि वह पुजारी की सेवा भी करता था। जब खाना बनाता तो उन्हें जरूर खिलाता था। रविवार की रात को पुजारी की हत्या किसने की, फिलहाल किसी को नहीं पता? आशंका व्यक्त की जा रही है कि हत्यारों की संख्या दो से तीन रही होगी। घटनास्थल पर एक महिला और दो पुरुषों की चप्पलें भी मिली हैं। लोगों में इस बात की चर्चा है कि आखिर ये चप्पलें किसकी हैं..?
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परिवारवालों के देर तक सोने पर संदेह
घर में पांच भैंसें भी हैं, फिर भी उठने में देरी पर लोग कर रहे शंका
पुजारी की पत्नी पहुंच गई थीं पहले, उनके कहने पर भी सोते रहे घरवाले
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। पुजारी मोती यादव के परिवारवालों का सोमवार सुबह देर तक सोते रहने पर ग्रामीण तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। लोगों का कहना था कि जब घर में पांच भैंसें रखी हैं और रोज सुबह जल्दी जागकर उनके चारे-पानी का इंतजाम किया जाता था तो आखिर सोमवार को देर क्यों हुई...? पहले पुजारी की पत्नी मंदिर पहुंची थीं। पुजारी की हत्या की बात उन्होंने ही घर आकर बताई। इसके बाद भी परिवारवालों ने उठने और घर से निकलने में देरी क्यों की...?
सकरापार गांव में रह रही मोती यादव की तीसरी बेटी सीमा शुरू से ही मायके में रहती है। उसने जीविकोपार्जन के लिए पांच भैंसें पाल रखी हैं। इससे परिवार का खर्च भी चलता है। रोज की तरह सोमवार की भोर में मोती यादव की पत्नी शांति देवी मंदिर पहुंचीं। मंदिर के बाहर पुजारी की चप्पल देखकर शांति किसी अनहोनी की आशंका से घबरा उठीं। मंदिर के सामने कुछ दूरी पर इंडिया मार्क टू हैंडपंप के पास खून भी गिरा था। शांति देवी ने घर पहुंचकर ये बात बेटी सीमा को बताई, लेकिन तब भी भी सीमा काफी देर बाद जगी। वहीं, परिवार के अन्य सदस्य और गांव के कुछ लोगों ने मौके पर पहुंचकर प्रतिशोध में पिंटू की हत्या कर दी थी। इस दौरान सीमा भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंची।
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संपत्ति विवाद पर भी पुलिस की नजर
देवरिया। सकरापार में पुजारी की हत्या के मामले में पुलिस की नजर संपत्ति के विवाद पर भी है। गांववालों ने बताया कि एक बेटी को संपत्ति देने से बाकी तीन बेटियां नाराज थीं। तीन दिन पूर्व इसे लेकर विवाद भी हुआ था। गांववालों से जानकारी लेने के बाद पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। मोती यादव की चार बेटियां गायत्री, सावित्री, सीमा और कमलेश थीं। उन्होंने सभी की शादी कर दी थी। तीसरे नंबर की बेटी सीमा को उन्होंने घर पर सेवा करने के लिए रखा था। इसी बीच उनकी छोटी बेटी कमलेश की मौत हो गई। कमलेश की एकमात्र बेटी भी यहीं रहती थी। कुछ दिन पूर्व पुजारी मोती यादव ने बेटी सीमा को अपनी संपत्ति बैनामा कर दी। एक जगह तीन कट्ठा जमीन थी तो उसे बेच दिया। गांववालों ने बताया कि इसमें से उन्होंने एक-एक लाख रुपये अपनी दो बड़ी बेटियों को दिए थे। कुछ रकम पौत्री की शादी के लिए बचा रखी थी। एक बेटी को संपत्ति दिए जाने से बाकी बेटियां नाराज थीं। सदर कोतवाल विजय नारायण का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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धधक रही थी कच्ची की भट्ठी
जहां पिंटू की हत्या की गई, वहां कच्ची की भट्ठी धधक रही थी। एक गैस एजेंसी के गोदाम के पास ही झारखंड के मजदूर टीनशेड डालकर रहते हैं। वहीं कच्ची शराब भी बनाई जाती है। गांव के लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। एसपी एन. कोलांची ने खुद भट्ठी देखी तो सीओ सिटी वरुण मिश्र को अभियान चलाने का आदेश दिया।
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एसपी ने की सुनील से पूछताछ
एसपी घटनास्थल से सीधे सदर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने डायल 100 को घटना की सूचना देने वाले सुनील यादव से एक कमरे में पूछताछ की। उससे घटना के बारे में जानकारी ली। एसपी ने स्वॉट टीम और चार अन्य पुलिस टीमों को इस घटना के पर्दाफाश के लिए लगाया है।
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फूल बेचने का काम करता था पिंटू
सकरापार गांव निवासी ओमप्रकाश की तीन संतानों में बड़ा राहुल फूल बेचने का काम करता था। सदर कोतवाली के पास ही वह एक फूल की दुकान पर काम करता था। इसी से उसकी जीविका चलती थी। ओमप्रकाश ने बेटी पूनम की शादी कर दी है। छोटा बेटा अजीत पढ़ाई कर रहा है।