देवरिया। शराब तस्करी के मामले में फरार चल रहे डी गैंग का सरगना पूर्व प्रधान तारबाबू ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसकी जानकारी होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। लगातार पुलिस इसके लिए बदमाश पर दबाव बना रही थी।
बनकटा थाना क्षेत्र के रूस्तम बहियारी गांव निवासी पूर्व प्रधान तारबाबू शातिर बदमाश है। गोवंशीय पशु तस्करी पर पुलिस ने रोक लगाया तो बदमाश ने धंधा बदल दिया। पुलिस की आंखों में धूल झोंककर बदमाश शराब तस्करी का कारोबार शुरू कर दिया। करीब तीन माह पहले कार से बिहार में अवैध शराब ले जाते समय पुलिस ने कार सहित दो युवकों को दबोच लिया। रात होने की वजह से तारबाबू पुलिस को चकमा देकर भाग गया। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी, लेकिन पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। भाटपाररानी के तत्कालीन एसओ गजेंद्र राय पर बदमाश ने गोली चलाया था। इसके बाद तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने बदमाश पर शिकंजा कसा था और डी गैंग का सदस्य घोषित किया था। उस समय भी पुलिस चाह कर उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी और एसपी के तबादले के बाद कोर्ट में सरेंडर किया। बदमाश की रिहाई के बाद जेल के बाहर कई जनप्रतिनिधियों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया और जुलूस के साथ भाटपाररानी तक बदमाश को ले गए। शराब तस्करी के मामले में फरार चल रहे बदमाश पर चौतरफा पुलिस का दबाव पड़ा तो सोमवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में तारबाबू ने सरेंडर कर दिया। कोतवाल विजय सिंह गौर ने बताया कि शराब तस्करी के मामले में बदमाश वांछित था। कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।