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जेल कांड की जांच करने धमकी सीबीआई

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देवरिया जेल - फोटो : ANI
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देवरिया। लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी का अपहरण कर देवरिया जेल में पिटाई मामले की जांच करने गुरुवार की शाम सीबीआई टीम जिले में पहुंची। पीड़ित मोहित जायसवाल के साथ जिला जेल के बैरक नंबर सात में पहुंचकर टीम ने घटना की बाबत जानकारी ली। टीम दो घंटे से भी अधिक समय तक जेल में रही।
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सीबीआई लखनऊ के एएसपी के साथ आठ से अधिक सदस्य गुरुवार की शाम देवरिया पहुंचे। टीम ने पीड़ित मोहित जायसवाल को भी साथ लिया था। डाक बंगले पर नाश्ते के बाद पांच गाड़ियों से टीम के सदस्य शाम पौने छह बजे जिला जेल पहुंचे। टीम के पहुंचते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। वैसे पहले से ही सीबीआई के आने की खबर से जेल के जिम्मेदार चौकन्ना थे। टीम के सदस्य मोहित को लेकर बैरक नंबर सात में गए। माफिया अतीक अहमद इसी बैरक में रहता था। मोहित की पिटाई के बाद यहीं कागजात पर हस्ताक्षर कराए गए थे। टीम ने एक-एक बिंदू की गहनता से जांच की। मुलाकाती रजिस्टर देखा और जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी और कुछ बंदीरक्षकों से पूछताछ की। दो घंटे बाद टीम के सदस्य डाक बंगला पहुंचे। सूत्रों की मानें तो सीबीआई टीम के सदस्य तीन दिन जिले में रहेंगे। जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि सीबीआई टीम जांच करने आई है।

क्या था मामला
जिला जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के गुर्गों ने 26 दिसंबर को लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर लिया था। जिला जेल के बैरक नंबर सात में अतीक और उसके गुर्गों ने मोहित की पिटाई कर करोड़ों की प्रापर्टी के कागजात पर हस्ताक्षर कराए थे। लखनऊ पहुंचने के बाद 28 दिसंबर को मोहित ने कृष्णानगर थाने में केस दर्ज कराया। मामला उजागर होने के बाद शासन ने 31 दिसंबर को अतीक को बरेली जेल भेज दिया। मोहित जायसवाल ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए। पिछले दिनों सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज किया था।
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