देवरिया। इमरजेंसी में भर्ती महिला की मौत से नाराज तीमारदारों ने शुक्रवार रात जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और कर्मचारी भाग खड़े हुए। विरोध करने पर एक कर्मचारी के साथ लोगों ने बदसलूकी भी की। पुलिस के पहुंचने पर लोग शांत हुए। हंगामे के चलते एक घंटे तक इमरजेंसी व्यवस्था प्रभावित हुई।
सलेमपुर के मालीपुर गांव निवासी मैना देवी (60) की तबीयत शुक्रवार शाम को अचानक बिगड़ गई। घर वाले उन्हें लेकर जिला अस्पताल आए और इमरजेंसी में भर्ती करा दिया। रात करीब 11 बजे महिला की मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर परिजन उग्र हो गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। ड्यूटी पर मौजूद डॉ. नागेंद्र कुमार और फार्मासिस्ट एमए सिद्दीकी समेत अन्य कर्मचारी वहां से खिसक गए। विरोध करने पर एक कंपाउंडर से लोग उलझ गए और बदसलूकी की। सूचना पर कुछ देर बाद डॉ. सौरभ द्विवेदी और कोतवाल विजय नरायण पहुंचे। हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। लोगों ने पुलिस से भी डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसकी वजह से रात को 11 से 12 बजे तक इमरजेंसी सेवा ठप रही। वार्ड में भर्ती मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस बाबत पुलिस ने बताया कि हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। लोगों को शांत कराया गया। इसके बाद शव लेकर लोग चले गए।
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इनसेट
इमरजेंसी में नहीं रहते हैं पुलिसकर्मी
देवरिया। इमरजेंसी में हंगामा और मारपीट की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। इसकी वजह सरकारी कर्मचारियों के अलावा प्राइवेट वर्कर्स की ओर से किए जा रहे मरीजों का इलाज होना बताया जा रहा है। तीन माह के अंदर कई बार बवाल हो चुके हैं। बीती रात के बवाल के दौरान इमरजेंसी पर तैनात पुलिसकर्मी सूचना के बाद पहुंचे। अगर पुलिस मौजूद रहती तो तत्काल मामला शांत हो गया होता।