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पत्रकारों पर लाठी चार्ज को लेकर संगठनों में उबाल

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यूपी पुलिस - फोटो : फाइल फोटो
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देवरिया। मतगणना स्थल पर हुए पत्रकारों पर लाठीचार्ज को लेकर राजनीतिक दलों और पत्रकार संगठनों में नाराजगी है। अलग-अलग बैठक कर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
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ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पौहारीशरण राय ने कहा कि मतगणना स्थल पर पुलिस ने साजिश के तहत लाठीचार्ज किया। भाजपा नेता के बहाने पुलिस मीडिया दीर्घा में घुसकर पत्रकारों की पिटाई की। यदि पांच दिनों में लाठीचार्ज कराने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन डीएम और एसपी का घेराव करेगा। इस दौरान धनंजय मणि, कैप्टन वीरेंद्र सिंह, प्रेमचंद्र मिश्र, रामनवल सिंह, राजेंद्र, घनश्याम मिश्र, कौशल त्रिपाठी, जगदीश नारायण श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष अरुण राव ने कहा कि पत्रकार चंद्रप्रकाश पांडेय पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया जाए। इस दौरान डॉ. शशिधर मिश्र, अनुग्रह शाही, संदीप तिवारी आदि मौजूद रहे। महिला एकता शक्ति की राष्ट्रीय अध्यक्ष मन्नू तिवारी ने घटना की निंदा की है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह राकेश के नेतृत्व में बैठक हुई। इसमें पत्रकारों पर लाठीचार्ज की निंदा की गई। इस दौरान सुयश मणि त्रिपाठी, बिस्मिल्ला लारी, अरुण राय, रामविलास तिवारी, अजय सिंह, शफी अहमद, संजय श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। कानून पीड़ित न्याय मंच की बैठक में लाठीचार्ज की निंदा की गई। अन्ना संघर्ष मोर्चा की बैठक विकास मणि की अध्यक्षता में हुई। लोगों ने लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुभाषचंद्र राव ने लाठीचार्ज पर सवाल खड़ा करते हुए सीओ, सदर कोतवाल और सिपाहियों को निलंबित करने की मांग की।
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