देवरिया। रोजगार की तलाश में मलयेशिया गए 12 युवक फंसे हैं। इसमें कुशीनगर के तीन जबकि नौै लोग देवरिया के रहने वाले हैं। केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र से सुरक्षित वापसी की अपील की है। उन्होंने विदेश मंत्री को अवगत कराया है। इसकी मॉनीटरिंग भी कर रहे हैं।
पिपरा देवडार के अलगू रावत का बेटा ब्रह्मानंद अगस्त में मलेशिया कमाने गया। उसरा बाजार के पास के रहने वाले एक एजेंट ने भिजवाया था। इसके लिए 65 हजार रुपये लिया गया था। पिता अलगू ने बताया कि बेटे से 27 मार्च की शाम को बात हुई तो उसने कहा, हमको वापस बुला लीजिए। इसके बाद घरवाले परेशान हो गए। पत्नी की तबीयत खराब गई।
उन्होंने बताया कि आठ महीने गुजर गए हैं। हम लोग उसके आने का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा 11 अन्य युवक भी वेल्डर के काम करने के लिए गए हैं। इसमें कुशीनगर के दिनेश सिंह पुत्र चंद्रभान सिंह ग्राम सिकता, संजय सिंह और राणा प्रताप शर्मा के अलावा बढ़या बुजुर्ग का सत्यपाल यादव पुत्र लक्ष्मण यादव, तरकुलवा-भलुअनी का प्रदीप यादव पुत्र साधु यादव, राजन यादव, अखिलेश यादव, रामकृपाल यादव, सत्येंद्र सिंह, मुन्ना सिंह, रामदुलार शामिल हैं।
इस बाबत केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने दूरभाष पर बताया कि मामला संज्ञान में है। विदेश मंत्री को जानकारी दे दी गई है। जल्द ही युवकों की वतन वापसी हो सके इसके लिए प्रयास जारी है।