लार। लूट के आरोपियों को बचाने में लार एसओ श्रवण यादव को एसपी ने सोमवार को सस्पेंड कर दिया। शराब, पशु तस्करों और दलालों को थाने में प्रश्रय देने की उनकी शिकायत भी कई बार एसपी तक पहुंच चुकी थी। सदर कोतवाली में तैनात दरोगा विजय नारायण को लार का नया एसओ बनाया गया है। मीडिया से विवाद के कारण भी सुर्खियों में रहे।
कार्रवाई की जद में आए लार एसओ श्रवण यादव को पहली बार थानेदार की कुर्सी संभालने का मौका मिला था। सात माह में लगातार विवादों से इनका नाता रहा। वहीं मेहरौना बॉर्डर के रास्ते थाने पर तैनात दागी सिपाहियों की मदद से लगातार पशु और शराब की तस्करी, दबंगों की मिलीभगत से भूमि पर कब्जा दिलाने की शिकायत थी। रावतपार गांव के सामने 27 जून की रात को सेक्रेट्री कुमार शाह से हुई लूट के मामले का पर्दाफाश करने की बजाए एसओ पर लुटेरों को बचाने का आरोप लगने के बाद एसपी ने सस्पेंड कर दिया। दूसरी तरफ चुरिया गांव में हुई मारपीट की घटना में एक फौजी परिवार को उचित न्याय न देकर उनसे हुई धन उगाही की जांच चल रही है। बताते हैं कि सलेमपुर कोतवाली व क्राइम ब्रांच में तैनात रहा एक सिपाही रुपये वसूलने के मामले में दो बार निलंबित हो चुका है, उसकी तैनाती इन दिनों लार थाने पर है। पुराना सिपाही होने के कारण शराब तस्करों से उसकी मजबूत साठगांठ है। इसकी भी शिकायत एसओ के पास पहुंचती थी, लेकिन करीबी होने के कारण एसओ कार्रवाई से परहेज करते रहे। एसपी रोहन पी कनय ने बताया कि लुटेरों को बचाने के मामले में एसओ को सस्पेंड किया गया है। इसके पूर्व भी इनकी शिकायतें मिल चुकी थी।