देवरिया। मारपीट और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के 12 साल पुराने मामले में गवाही से मुकरने पर अदालत ने दो गवाहों के खिलाफ अलग-अलग आपराधिक प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश काशी नाथ ने नत्थू कुशवाहा और जोगेंद्र के खिलाफ यह कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं, अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सका, जिसके चलते आरोपी संतोष पटेल को दोषमुक्त कर दिया गया। मामला सलेमपुर थाना क्षेत्र का है।
15 जुलाई 2014 को टेंपो में सवारी बैठाने को लेकर विवाद हुआ था। टेंपो चालक अवधेश गोंड़ ने आरोप लगाया था कि अहिलौली लाला निवासी संतोष पटेल ने हॉकी से मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद फरवरी 2016 में आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अवधेश ने शुरुआत में आरोप दोहराए, लेकिन जिरह के दौरान संतोष की पहचान करने से इन्कार कर दिया।