फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: सांसदों के निलंबन पर कांग्रेस और सपा ने किया विरोध प्रदर्शन

Fri, 22 Dec 2023 10:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
 क्रमिक अनशन के दौरान प्रदर्शन करते भूमि बचाओ संघर्ष समिति और सपा कार्यकर्ता 
विज्ञापन
भाजपा सरकार ने लोकतंत्र पर किया अप्रत्याशित हमला : जयदीप
विज्ञापन

देवरिया। सांसदों के निलंबन के विरोध में शुक्रवार को टाउनहाल स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय पर कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। इसके बाद जुलूस की शक्ल में पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष जयदीप त्रिपाठी के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां पर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एएसडीएम सीमा पांडेय को सौपा।
डीएम कार्यालय पर आयोजित सभा में जयदीप त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा सरकार ने लोकतंत्र पर अप्रत्याशित हमला करते हुए दोनों सदनों से 142 सांसदों को निलंबित कर दिया है। यह कृत्य हमारे लोकतांत्रिक सिद्धांतों की हत्या और हमारी संसद को लोकतंत्र के कब्रिस्तान में बदल जाने के रूप में वर्णित किया जा रहा है। हमें लोकतंत्र के इस अपमान के खिलाफ एक साथ खड़े होने की जरूरत हैं। धरने में नागेंद्र शुक्ला, ऋषिकेश मिश्रा, उत्तेज मिश्रा, विजय शंकर मिश्रा, अशोक कुशवाहा, गंगा शरण कुशवाहा, सुनील तिवारी, सुहेल अंसारी, चंद्रमोहन पांडेय आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
विज्ञापन

उधर, बरहज के लवरछी स्थित देवरिया बाइपास पर शुक्रवार को क्रमिक अनशन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने सांसदों के निलंबन को लेकर विरोध-प्रदर्शन किए। सपा नेता विजय रावत ने कहा कि 70 वर्ष में पहली ऐसी सरकार है, जो विपक्ष की बात सुनने से घबरा रही है। सांसदों का विरोध देखते हुए उन्हें निलंबित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में सड़क से लेकर सदन तक लोगों पर जुल्म और अत्याचार किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार रमेश गुप्त को ज्ञापन सौंपा।
धरना दिया, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा
देवरिया में सांसदों के निलंबन के विरोध में शुक्रवार को सपा ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया। धरने में सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने कहा कि संसद की सुरक्षा के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। स्वतंत्र भारत में पूरे सत्र के लिए निलंबित सांसदों की संख्या सर्वाधिक होकर रिकॉर्ड बन गई। संसद एवं देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी वहन करने वाले गृहमंत्री सदन में बयान देने से बचते रहे। पूरे घटनाक्रम में सरकार का रवैया घोर आलोकतांत्रिक, अधिनायक वादी और स्वेच्छाचारी बना रहा। सांसदों के निलंबन के साथ देश में लोकतंत्र निलंबित हो गया। धरने में हृदयनारायण जायसवाल, श्यामदेव यादव, उमेश नारायण शाही, दयाशंकर यादव, अशोक यादव, धर्मवीर गुप्ता, वंदना पासवान आदि शामिल रहे।
विज्ञापन





सांसदों के निलंबन के विरोध में तहसील में दिया धरना

भाटपाररानी में इंडिया गठबंधन के राष्ट्रीय आह्वान पर भाकपा ,सीपीआई एम तथा सीपीआई माले के संयुक्त तत्वावधान में कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में सांसदों के निलंबन का विरोध जताया। अंत में एसडीएम हरीशंकर लाल श्रीवास्तव को ज्ञापन दिया। माकपा के जयप्रकाश यादव ने देश में लोकतंत्र पर खतरें से लोगों को आगाह किया। साधुशरण ने सरकार के तानाशाही रवैया की आलोचना करते हुए लोगों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क पर उतर कर संघर्ष करने का आह्वान किया। धरने में चंद्रभान यादव, श्रीराम कुशवाहा, बृजानंद यादव, किताब यादव, विजय बहादुर चौरसिया, रमाशंकर गुप्ता आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें