भटनी। जिले में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने के कारण सड़कों पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इसके बावजूद स्कूलों के बंद न होने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। लोगों ने जिला प्रशासन से कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्कूलों को बंद करने की मांग की है।
जिले में करीब दस दिनों से घने कोहरे के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पूरे दिन धुंध छाने से खेतों में काम करने वाले किसानों, बुजुगों, और बच्चों की हालत खराब है। बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अभी तक स्कूलों को बंद नही किया गया है। सुबह-सुबह छोटे बच्चों को ठंड और कोहरे के बीच स्कूल भेजने को मजबूर अभिभावकों का कहना है कि घने कोहरे में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। खासकर ग्रामीण इलाकों से आने वाले बच्चों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है। सरकारी विद्यालयों में प्रशासनिक आदेश के अनुसार समय में बदलाव की व्यवस्था की गई है, लेकिन निजी स्कूलों द्वारा सामान्य दिनों की तरह कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इससे अभिभावकों में असंतोष देखा जा रहा है। कई अभिभावकों ने मांग की है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिषदीय और निजी स्कूलों को ठंड के दौरान अवकाश घोषित करना चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन को स्कूलों के संचालन पर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए, ताकि बच्चों को ठंड और कोहरे से होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके। खंड शिक्षा अधिकारी रामप्यारे राम ने बताया कि अभी स्कूलों को बंद करने का कोई आदेश नहीं आया है। निर्देश मिलते ही स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा।