लिपिक और बीडीओ में गाली-गलौज और हाथापाई
देसही देवरिया। ब्लॉक कार्यालय में सोमवार को बीडीओ से स्टाफ समेत दो लोगों का विवाद हो गया। मामला गाली-गलौज के बाद हाथापाई तक पहुंच गया। मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया। इससे ब्लॉक परिसर में अफरातफरी मच गई।
देसही देवरिया क्षेत्र के बरवां मीरछापर गांव के अरविंद मद्धेशिया की गोरखपुर मेडिकल कालेज में मौत हो गई थी। चिकित्सकों ने अरविंद की मौत की वजह कोविड पॉजिटिव होना बताया। मुख्यमंत्री की तरफ से कोरोना संक्रमण से मरने वाले व्यक्ति के घर वालों को सहायता राशि दी जानी है। इसके लिए मृतक के परिजन और रिश्तेदार ब्लॉक का कई दिनों से चक्कर काट रहे थे। मेडिकल कालेज का प्रमाणपत्र भी दिया। बीडीओ और सचिव से मिलते रहे। उधर, सचिव ने गांव जाकर मामले की जांचकर रिपोर्ट भी सौंप दी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बीडीओ हीलाहवाली करते रहे। सोमवार को इसी मुद्दे पर बीडीओ कार्यालय पहुंचे परिजनों से बीडीओ अशोक कुमार पांडेय की तीखी बहस हो गई। पीड़ित पक्ष ने एक जनप्रतिनिधि को फोन कर मामले की जानकारी दी। उसके बाद बीडीओ ने हस्ताक्षर कर दिए। इस मामले के थोड़ी देर बाद किसी बात पर बीडीओ कनिष्ठ लिपिक राजेश पर नाराज हो गए। आरोप है कि उन्हें निलंबित कराने की धमकी देने लगे। दोनों में तीखी बहस शुरू हो गई। हाथापाई की नौबत आ गई। मौजूद लोगों ने मामले को शांत कराया। प्रधान प्रतिनिधि विष्णु कुशवाहा का कहना है कि मेडिकल कालेज के प्रमाणपत्र के अनुसार, अरविंद मद्धेशिया की मौत कोरोना संक्रमण से हुई है। सचिव ने जांचकर रिपोर्ट भी लगा दी है।
बीडीओ अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि कोविड वाले मामले में बरवां मीरछापर गांव के परिजन आज कार्यालय आये थे। शुक्रवार और शनिवार को भी आए थे। मगर, मौत से संबंधित कागजात में मौत का कारण अलग-अलग प्रस्तुत कर रहे थे। इसलिए सचिव से जांच कराकर उसका निस्तारण कर दिया गया। रही बात लिपिक की तो वह कई दिनों से ड्यूटी नहीं आ रहा था। शराब के नशे में रहता है। आज अपनी पत्नी के साथ आया था। उसे उसके कार्यों को समझा रहा था कि वह भड़क गया। डीडीओ को पत्र लिखकर अवगत करा रहा हूं।