पीआईसीयू में 22 तो चिल्ड्रेन वार्ड में 24 का चल रह इलाज, खाली होते ही भर जा रहे बेड
भीषण गर्मी से मरीजों और तीमारदारों को हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गर्मी का कहर है। इसका असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में बीमार बच्चों की संख्या में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है। बुखार, उल्टी, दस्त से पीड़ित बच्चों को लेकर तीमारदार पहुंचे रहे हैं। मरीजों की भीड़ से अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई है। ओपीडी में भीड़ हो रही है। वहीं, पीआईसीयू व चिल्ड्रेन वार्ड के बेड खाली होते ही फुल जा रहे हैं। क्षमता न बढ़ने से एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज मजबूरी है। मरीज से लेकर तीमारदार तक परेशान हैं। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ लग रही है।
पारा बढ़ रहा है। गर्मी से लोग बेहाल हैं। बच्चों के स्वास्थ पर इसका असर पड़ रहा है। थोड़ी सी लापरवाही से सेहत बिगड़ जा रही है। वायरस संक्रमण की चपेट में आने से बच्चे बीमार हो रहे हैं और बुखार, उल्टी, दस्त, सांस की बीमारी से पीड़ित हो जा रहे हैं। मरीजों को ठीक होने में एक सप्ताह तक का समय लग जा रहा है।
बृहस्पतिवार को सुबह आठ से ही ओपीडी में बीमार बच्चों को लेकर परिजन पहुंचे थे। डॉ. इकबाल ने 140 से अधिक बच्चों का इलाज किया। इसमें बुखार, उल्टी-दस्त के 80, पेट दर्द 30, सिर्फ बुखार से पीड़ित 30 व अन्य बीमारी से ग्रसित मरीज शामिल रहे। इसमें गंभीर रूप से बीमार करीब दस बच्चों को भर्ती किया गया। जबकि अन्य को दवा और सावधानी बरतने की सलाह दी गई। वहीं, भलुअनी क्षेत्र के रामप्यारे परिवार एक बच्चे को लेकर करीब 11:35 बजे पहुंचे, उसे बुखार के साथ उल्टी-दस्त की दिक्कत थी। बैतालपुर के विनोद बच्चे को लेकर 12:15 बजे इमरजेंसी पहुंचे। बुखार से पीड़ित बच्चे को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
पीआईसीयू फुल, 15 बेड पर 22 बच्चों का इलाज
अस्पताल में मरीजों की भीड़ के चलते बेड फुल हो जा रहे हैं। 15 बेड के पीआईसीयू वार्ड में दोपहर दो बजे तक 22 बच्चों का इलाज चल रहा था। जबकि 20 बेड के चिल्ड्रेन वार्ड में 24 बच्चे भर्ती थे। दोनों वार्ड मिलाकर बुखार से पीड़ित 26, उल्टी-दस्त के 14, सांस के 4, पेट दर्द से पीड़ित दो बच्चे भर्ती थे। अधिक संख्या होने से व्यवस्था लड़खड़ा गई है। एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज किया जा रहा है। जबकि सुबह करीब 19 बच्चों के स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई। पीआईसीयू के दस वार्ड में पांच एसी में तीन व पांच बेड के वार्ड में दो में एक एसी काम कर रही है। भीषण गर्मी और मरीजों की भीड़ के कारण ठीक से काम नहीं कर रही है, जिससे गर्मी से लोग परेशान हैं।
उधर बुखार, उल्टी, दस्त से पीड़ित मेडिसिन मेल वार्ड में भर्ती सदर ब्लाॅक क्षेत्र के बृजेश 40, बनकटा क्षेत्र के राजेश सिंह 32, फिमेल वार्ड में बरियारपुर क्षेत्र की गुड़िया देवी 65, भटनी क्षेत्र की बरफी देवी 62, वंदना देवी 65, गौरीबाजार क्षेत्र की कालिंदी 50, शहर के एक मोहल्ले की रामबासी देवी 44, दुर्गावती देवी 64, बनकटा क्षेत्र की मीना देवी 45 का इलाज चल रहा है। इमरजेंसी में भी चौबीस घंटे में 45 मरीज पहुंच रहे हैं। इलाज के बाद आराम मिलने पर छुट्टी दे दी जा रही है।
अस्पताल में फर्श पर पड़ा रहा मरीज
मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। मरीजों की सुविधाओं का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को एक मरीज सीटी स्कैन केंद्र के बाहर फर्श पर शाम तक पड़ा रहा, लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली।
बिहार प्रांत के विजयीपुर क्षेत्र के 50 वर्षीय भरत मिश्र को लेकर उनकी पत्नी इमरजेंसी पहुंची। डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने को कहा। महिला के पास व्यक्ति आया और अपने को कर्मी बताते हुए सीटी स्कैन कराने में सहयोग किया। इसके बाद पैसा न देने पर छोड़ कर चला गया। शाम तक महिला मरीज को लेकर परेशान रही।
गर्मी के कारण बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द से पीड़ित मरीज बढ़े हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है। बच्चों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। परेशानी होने पर लापरवाही न करें। बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर इलाज कराएं। अस्पताल में इलाज, दवा, जांच की सुविधा है। मरीज की संख्या अधिक होने से परेशान है। कमी दूर होने के बाद नया पीआईसीयू वार्ड शुरू हो जाएगा। मरीज के फर्श रहने की जांच कराई जाएगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस