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Deoria News: निजी अस्पताल में बच्चे की मौत, परिजन का हंगामा

Mon, 10 Aug 2026 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार देर शाम 18 माह के बच्चे की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।
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आरोप है कि इलाज के नाम पर 50 हजार रुपये से अधिक लेने के बावजूद बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी। परिजनों ने जब इस पर सवाल उठाया तो अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्चे के पिता से बदतमीजी की। इसकी जानकारी मिलने पर मोहल्ले के तमाम लोग भी अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन का विरोध करने लगे। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराया।

बैकुंठपुर निवासी रंजीत मद्धेशिया के 18 माह के बेटे भीम को बुखार होने पर शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक बच्चे को हल्का बुखार था। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर लिया। इसके बाद करीब 10 दिनों तक बच्चे का अस्पताल में इलाज चलता रहा।
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परिजनों का आरोप है कि इस दौरान बच्चे की तमाम जांच कराई गईं और इलाज के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये से अधिक लिए गए। इसके बावजूद बच्चे की हालत में ऐसा सुधार नहीं हुआ कि उसकी जान बचाई जा सके। सोमवार शाम इलाज के दौरान भीम की मौत हो गई। बच्चे की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

बच्चे की मौत के बाद पिता रंजीत मद्धेशिया और अन्य परिजनों ने अस्पताल में इलाज को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि हल्का बुखार होने के बावजूद बच्चे को 10 दिनों तक भर्ती रखा गया और लगातार जांच व इलाज कराया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। परिजनों ने जब चिकित्सकों से इलाज और बच्चे की मौत को लेकर जवाब मांगा तो उनके साथ बदतमीजी की गई।

इसके बाद मामले की जानकारी बैकुंठपुर के लोगों को हुई तो बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया। बच्चे की मौत और परिजनों के साथ कथित बदतमीजी को लेकर काफी देर तक अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने बच्चे के परिजनों और वहां मौजूद लोगों को समझाकर शांत कराया।
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