दुकान पर बेचने के लिए बोरे में रखा खुला रंग।संवाद
देवरिया। होली में तीन दिन शेष बचे हैं। बाजार होली के रंगों में रंग गया है। अबीर, गुलाल के अलावा लाल, पीला हरा रंग बाजार में बिकने लगे है। खुले, पैकेट में और डिब्बों में यह रंग बिक रहा है। खरीदने से पहले इन रंगों की जांच जरूर कर लें। नकली और केमिकल से बना रंग इस समय ज्यादा बिक रहा है। ऐसे में यदि सावधानी हटी तो आपके और बच्चों के चेहरे व आंखों को भारी नुकसान पहुंच सकता हैं। आंखों की रोशनी भी जाने का खतरा रहता है। इसलिए इस होली केमिकल वाले रंगों से दूर रहना ही बेहतर होगा। 14 मार्च को होली मनाई जाएगी। त्योहार में सावधानी नहीं बरतने पर रासायनिक रंग चेहरे को बदरंग कर सकते हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक न तो कोई खुले में बेच रहे लोगों पर कार्रवाई की गई है और न ही बेचने को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। ऐसे में चिकित्सक ऐसे रंगों से बचने की सलाह दे रहे हैं। इस त्योहार में लोग कपड़े पर रंग डालने के साथ ही चेहरे पर भी लगा देते हैं, जो त्वचा के लिए काफी नुकसानदायक है। ऐसे में जरूरी हो गया है कि इन रासायनिक रंगों को त्याग कर पूरी तरह इको फ्रेंडली होली मनाएं।
हरे रंग में मिला रहे काॅपर सल्फेट, आंखों के लिए है खतरनाक
जानकार बताते हैं कि हरा रंग काॅपर सल्फेट से, परपल क्रोमियम आयोडाइड, सिल्वर एल्युमीनियम ब्रोमाइड से और काला रंग लेड आक्साइड को मिलाकर तैयार किया जाता है। चमकदार बनाने के लिए अक्सर रंग में कांच का बुरादा भी मिलाया जाता है। खासकर हरे रंग में। हरे रंग में मौजूद काॅपर सल्फेट अगर आंखों में चला जाए तो यह एलर्जी और अस्थायी अंधेपन का कारण बन सकता है। काले रंग में मौजूद लेड ऑक्साइड किडनी खराब होने का कारण बन सकता है। बाजार में बिकने वाले बैंगनी रंग में क्रोमियम आयोडाइड होता है जो अस्थमा और एलर्जी पैदा कर सकता है। लाल रंग में इस्तेमाल होने वाला मर्करी सल्फाइट त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए केमिकलयुक्त रंगों से बचना चाहिए।
हर्बल रंगों का करें प्रयोग
मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विशेषज्ञ अजीत पाल ने लोगों से रासायनिक रंगों का प्रयोग करने से बचने की सलाह दी है। हर्बल, फूलों की पत्तियों से बनाए रंगों का प्रयोग करने की सलाह दी। केमिकलयुक्त रंग त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए ऐसे रंगों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। रासायनिक रंगों के इस्तेमाल से शरीर पर लाल दाने निकल सकते हैं। शरीर में खुजली या जलन हो सकती हैं। थोड़ी सी लापरवाही से एलर्जी और त्वचा पर दाग बनने लगेंगे। होली खेलने से पहले शरीर में सरसों का तेल या कोई लोशन लगाना चाहिए। हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। किसी भी प्रकार के पानी में घोलने वाले रंगों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। कई बार ग्रीस, मिट्टी आदि से होली खेलने पर आखों को नुकसान हो सकता है।