सलेमपुर की एक दुकान में रखा पनीर। संवाद
देवरिया/सलेमपुर। दो फरवरी से शुरू होने जा रहे सहालग को लेकर पनीर की डिमांड बढ़ गई है। इसके साथ ही नकली पनीर के धंधेबाज भी सक्रिय हो गए हैं।
लोगों की डिमांड को पूरा करने के लिए बाजार में गाजीपुर और जौनपुर से मिलावटी पनीर आ रहा है। पाउडर वाले दूध में अरारोट और रिफाइंड से बने ये पनीर थोक में 160 से 180 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से मिल रहा है, जिसे धंधेबाज 250 रुपये प्रति किलोग्राम में बेच रहे हैं और इसकी डिमांड भी खूब है।
जिले में रोजाना करीब चार लाख लीटर से अधिक दूध की खपत है, जबकि स्थानीय स्तर पर उत्पादन केवल 50 हजार लीटर के आसपास ही है।
पहले पराग डेयरी के संचालन के समय 86 दुग्ध समितियों से करीब 10 हजार लीटर दूध का संग्रह होता था, लेकिन संग्रह घटने के कारण शीतलन केंद्र को गोरखपुर से संबद्ध करना पड़ा। उत्पादन कम और खपत कई गुना अधिक होने का फायदा मिलावट करने वाले खूब उठा रहे हैं।
बाजार में चर्चा है कि इस बार सहालग से पहले जौनपुर और गाजीपुर की तरफ से बड़ी मात्रा में मिलावटी पनीर मंगाकर खपाने की तैयारी है। अगर लोग पनीर खरीदते समय सावधानी नहीं बरतेंगे तो मिलावटी पनीर उनके सेहत पर भारी पड़ सकती है।