पूर्व विधायक समेत 105 लोगों पर केस, एक गिरफ्तार
सपा विधायक आशुतोष उपाध्याय को नहीं बनाया आरोपी, कार्रवाई पर उठ रहा सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन के दौरान शनिवार को कलेक्ट्रेट गेट पर सपा नेताओं और पुलिस की नोकझोंक, धक्का-मुक्की के मामले में कोतवाली पुलिस ने देर शाम पूर्व विधायक गजाला लारी, सपा जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव, पीडी तिवारी, रमाशंकर यादव, अभिजीत यादव सहित 105 लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, धमकी, महामारी अधिनियम, सेवन सीएलए सहित गंभीर धाराओें में केस दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया हैं। उधर, भाटपारानी के सपा विधायक आशुतोष उपाध्याय के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा हो रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान कलेक्ट्रेट गेट पर भाजपा के मंत्री, सांसद एवं संगठन के अध्यक्ष के अंदर जाने देने एवं सपा विधायक, जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक को गेट पर रोक दिए जाने को लेकर हुई कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस और सपा नेताओं के बीच झड़प के मामले में पुलिस ने देर शाम को मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें रामपुर कारखाना की विधायक रह चुकीं गजाला लारी, सपा के जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव, बरहज विधान सभा से प्रत्याशी रह चुके पीडी तिवारी, अभिजित यादव, रमाशंकर लोगों को नामजद किया है। जबकि 100 अज्ञात सपा नेता और कार्यकर्ताओं पर भी मुकदमा दर्ज किया है। सीओ नगर श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि पांच नामजद हैं। इसमें एक की गिरफ्तारी कर ली गई है और अन्य को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अज्ञात आरोपितों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
प्रशासनिक चूक की वजह से हुआ बवाल
देवरिया। नामांकन में जाने को लेकर प्रशासनिक मामूली चूक ने सपा कार्यकर्ताओं को हंगामा करने के लिए बाध्य कर दिया। गेट पर अकेले सीओ सिटी सपाइयों से जूझ रहे थे। कोतवाली एवं अन्य अधिकारी सड़क उस पर तमाशबीन बने हुए थे। हंगामा, बवाल एवं नारेबाजी की जानकारी जब एसपी को हुई तो खुद उन्हें मोर्चा लेना पड़ा। उस दौरान भी कई दरोगा, सिपाही इधर-उधर खड़े होकर तमाशा देख रहे थे।