देवरिया। सदर तहसील में जमीन के फर्जीवाड़ा का खेल उजागर हुआ है। पहले फर्जी वसीयत दिखाकर जमीन अपने नाम कराया। बाद में असली वारिस के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर मुकदमा दायर कर दिया। फिर महिला का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मुकदमा वापस भी ले लिया। पूरा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के मेहड़ा पुरवा का है।
भलुअनी थाना क्षेत्र के बंजरिया निवासी जय प्रकाश यादव ने सदर कोतवाली को तहरीर दिया कि उसकी पत्नी उषा देवी अपने मां, बाप की इकलौती संतान है और उसका मायका मेहड़ा पुरवा है। उषा देवी के पिता गोपी की मौत के बाद उनकी सारी संपत्ति पत्नी दिपिया देवी के नाम हो गई।
ससुर की मौत के बाद उनके भतीजे रामबेलास के लड़के जीतेन्द्र यादव व प्रमोद यादव उनकी सास का जमीन हड़पने की साजिश में जुट गए। उनकी सास ने अपनी बेटी यानि उनकी पत्नी के नाम संपूर्ण संपत्ति का पंजीकृत वसीयत कर दिया। सास की मौत के बाद उनकी पत्नी के नाम सरकारी दस्तावेजों में चढ़ गया।