डिवाइडर से टकराकर बीस फुट गड्ढे में गिरी कार, तीन की मौत, दो घायल
लार (देवरिया)। निजी कार से दिल्ली जा रहे एक ही परिवार के तीन लोगों की बुधवार की रात सैफई के पास हादसे में मौत हो गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डाक्टर ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। दो की हालत नाजुक देख पीजीआई सैफई रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं घटना की जानकारी पर परिजन सैफई के लिए रवाना हो गए।
लार थाना क्षेत्र के रामनगर गांव निवासी सागर यादव का परिवार दिल्ली में रहता है। सागर यादव भी वहीं पर प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हैं। भतीजे मुकेश यादव की 30 नवंबर को शादी थी। उसी में शरीक होने अपने गांव पत्नी अन्नू व बेटा ऋषि, ससुर मोहन यादव निवासी भुड़वार दरौली सिवान बिहार के साथ पंद्रह दिनों पूर्व आए थे। कार्यक्रम संपन्न होने पर भतीजे मुकेश यादव, ससुर मोहन यादव, पत्नी अन्नू यादव व बेटे ऋषि के साथ दिल्ली के लिए अपनी निजी कार से बुधवार को दिन में 1 बजे घर से निकले। रात्रि करीब एक बजे कार सैफई के सामने एक्सप्रेसवे पर पहुंची।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चला रहे मुकेश को झपकी आ गई, जिससे तेज रफ़्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। कार के परखचे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग घायल हो गए। घटना की सूचना पर पहुंची सैफई पुलिस ने सभी को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी सैफई पहुंचाया। जहां डाक्टर ने जांच के बाद मुकेश, अन्नू यादव व मोहन यादव को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल सागर यादव व ऋषि यादव की हालत नाजुक देख सैफई पीजीआई रेफर कर दिया। जहां दोनों का इलाज चल रहा है। पुलिस ने पाकेट से मिले मोबाइल से पुलिस ने परिजनों को फोन कर सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। महिलाओं के करुण क्रंदन से गांव का माहौल गमगीन हो गया। घटना की सूचना के बाद परिजन सैफई के लिए रवाना हो गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
काश! मान ली होती बहन की बात
लार। तीन भाई बहन में मुकेश बहन सत्या से छोटा था। उसका छोटा भाई नितेश है। घर से निकलते समय बहन सत्या ने लखनऊ में रात्रि विश्राम कर सुबह दिल्ली के लिए निकलने की बात कही थी। लेकिन वह उसकी बातों को दरकिनार कर गाड़ी चलाता रहा। सैफई पहुंचते ही झपकी आते ही कार अनियंत्रित होकर पलट गई।
कार से जाने की जिद ने लेली तीन की जान
लार। कार से दिल्ली जाने की जिद ने तीन की जान लेली। सागर, मुकेश और अन्नू कार से दिल्ली नहीं जाना चाह रहे थे। वे चार दिन और रहना चाह रहे थे। इसी बीच सिवान जिले के दरौली थाना क्षेत्र के भुड़वार गांव निवासी सागर यादव के ससुर मोहन यादव पहुंचे और जल्दी में दिल्ली निकलने की बात कहने लगे। इस पर सभी ने कार से नहीं जाने की बात कही। इसके बाद वह कार से ही दिल्ली जाने की जिद पर अड़ गए। मजबूरन सभी लोग कार से दिल्ली के लिए निकले।
पौ फटते ही आई मनहूस खबर
लार। सुबह घर के लोग उठ कर पशुओं को चारा डाल रहे थे, कुछ ठंड की वजह से दरवाजे पर अलाव ताप रहे थे। महिलाएं घर में झाड़ू लगा रही थीं। इसी बीच घर में रखे मोबाइल फोन की घंटी बजी। पुलिस ने हादसे में तीन लोगों के मारे जाने की मनहूस खबर सुनाई
पापा! भैया मम्मी कहां हैं? सुन फफक पड़े लोग
लार। सैफई पीजीआई में घायल ऋषि (8) बार-बार अपने पिता सागर यादव से पूछ रहा था। पापा मम्मी भैया कहां हैं। हम ठीक हैं, उन्हें बुला लीजिए। अपने घर रामनगर चलना है। मुझे दिल्ली नहीं जाना है। यह सुन मौजूद लोग भी फफक पड़े। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुकेश की मां मंजू देवी पिता सदानंद यादव, बहन सत्या यादव, मृत अन्नू की बेटी रिया मुस्कान घटना के बाद से बदहवास हैं।