आरओ-एआरओ परीक्षा : पंजीकृत 14496 परीक्षार्थियों में 6538 रहे उपस्थित, 7958 अनुपस्थित
- 45 फीसदी ही उपस्थिति ने सभी को चौकाया, चर्चा करते रहे जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा रविवार को जनपद के 33 केंद्रों पर हुई। इसे लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सतर्क दिखा। पूरी तरह ऑनलाइन जांच के बाद ही गोरखपुर व आजमगढ़ जनपद से आए अभ्यर्थियों को कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। पंजीकृत 14496 अभ्यर्थियों में 6538 उपस्थित एवं 7958 अनुपस्थित रहे। 45 फीसदी ही उपस्थिति रहने की चर्चा केंद्रों पर होती रही। उधर, परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि समसामयिक घटनाओं, सामान्य अध्यययन व तर्कशक्ति के प्रश्नों ने खूब परेशान किया।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा-2025 जनपद में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए डीएम दिव्या मित्तल एवं एसपी विक्रांत वीर ने संयुक्त रूप से विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान नेशनल पब्लिक स्कूल सोंदा, सेंट्रल एकेडमी, नवजीवन मिशन स्कूल एवं जनता इंटर कॉलेज सहित कई प्रमुख परीक्षा केंद्रों सहित शहर व आसपास के कई केंद्रों का भ्रमण किया गया। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश प्रक्रिया, बायोमैट्रिक उपस्थिति, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का गहन निरीक्षण किया।
डीएम ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। साथ ही, प्रश्नपत्रों एवं उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। एसपी ने केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था, महिला पुलिस की तैनाती, प्रवेश द्वार की निगरानी एवं फ्लाइंग स्क्वॉड की सक्रियता को देखा व परखा। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में लगे अधिकारी व कर्मचारियों को केंद्रों के बाहर भीड़-भाड़ न होने देने एवं संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए और कहा कि यदि किसी केंद्र पर कोई भी संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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सकुशल परीक्षा संपन्न होने से प्रशासन ने ली राहत की सांस
परीक्षा के जनपदीय नोडल बनाए गए एडीएम प्रशासन जैनेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन की सक्रियता एवं समन्वित प्रयासों के चलते जनपद में परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। सभी परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई थी। एलआईयू व पुलिस बल को अलर्ट मोड में रखा गया था। परीक्षा के दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि की सूचना प्राप्त नहीं हुई।
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स्पीकअप
कुल 200 सवाल आए थे, इसमें 140 सामान्य अध्ययन एवं 60 हिंदी के थे। इतिहास व हिंदी के सवाल घुमावदार तरीके से पूछे गए थे। इससे हल करने में समय लगा।
-रामप्रताप, आजमगढ़
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सामान्य अध्ययन के सवाल कठिन लगे। कई सवाल उलझाऊ लगे। ऐसे में इसे समय से पूरा करने में परेशानी हुई। हिंदी विषय के सवाल सामान्य था।
-रवीना चौहान, गोरखपुर
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सम सामयिक घटनाओं से जुड़े सवाल ज्यादा आए थे। हिंदी के प्रश्नपत्र अच्छे रहे, जबकि जीएस और तर्कशक्ति के सवाल काफी कठिन लगे।
-श्रुति सिंह, गोरखपुर
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हिंदी व यूपी विशेष से जुड़े सवाल ठीक रहे, जबकि जीएस और रीजनिंग के सवाल समझने और हल करने में अधिक समय लगा। कुल मिलाकर पेपर अच्छा गया है।
-सत्येंद्र यादव, आजमगढ़
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आजमगढ़ और गोरखपुर के लिए बसों का इंतजाम करने में जुटे रहे जिम्मेदार
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। आरओ-एआरओ की परीक्षा देने महिला वर्ग की अभ्यर्थी गोरखपुर से वहीं पुरुष वर्ग के आजमगढ़ से आए थे। इसे देखते हुए रोडवेज की ओर से सुबह में गोरखपुर के लिए व आजमगढ़ के लिए बसों का प्रबंध किया गया था। परीक्षा देकर जब परीक्षार्थी बाहर निकले और रोडवेज गए तो उन्हें आजमगढ़ के
बसों का इंतजार करना पड़ा।
आरओ-एआरओ परीक्षा के लिए रोडवेज की ओर से भी तैयारियां की गई थीं। आजमगढ़ व गोरखपुर रूट पर विशेष फोकस किया गया था। पुरुष अभ्यर्थियों में अधिकांश अपनी बाइक से ही आए थे।
रोडवेज के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राकेश पति त्रिपापी ने बताया कि एडीएम प्रशासन के निर्देश पर दो बसों को भलुअनी के लिए भेजा गया। यहां एक सेंटर पर 300 से अधिक अभ्यर्थी थे। वहीं आजमगढ़ के लिए दोपहर 12 बजे के बाद कुल सात बसें भेजी गईं। गोरखपुर के लिए क्रम से अनुबंधित बसें लगी रहीं। ऐसे में परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों को कोई विशेष दिक्कत नहीं हुई।