शनिवार को दिन में 11 बजे कैबिनेट मंत्री संजय निषाद काफिले के साथ मृतक दीपू निषाद के परिवार से मिलने पहुंचे। वह परिवार से मिलकर ढ़ांढस बंधाने के बाद मीडिया से बात करने लगे। इस दौरान करीब 50 से अधिक ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
पीड़ित दीपू निषाद के घर से करीब दो सौ मीटर दूर आरोपी ग्राम प्रधान चन्द्रभान सिंह के घर हमला बोल दिया। युवक हाथ में पार्टी का झंडा लेकर तोड़फोड़ करने लगे। दरवाजे पर पहुंची पुलिस भीड़ रोकने के बजाय वीडियो बनाने लगी। बवाल की खबर सुन मीडिया से वार्ता कर रहे मंत्री संजय निषाद गांव से निकल लिए। सीओ अंशूमन श्रीवास्तव ग्राम प्रधान के दरवाजे पर पहुंच भीड़ हटाना शुरु किया।
हल्ला हंगामा के बाद पुलिस की टीम मौके पर वीडियोग्राफी करते हुए
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पुलिस को सख्त होता देख युवक गांव से बाइक से फरार हो गए। घटना स्थल का अपर पुलिस अधीक्षक दीपेन्द्र चौधरी ने जायजा लिया। उन्होंने दोनों परिवार के लोगों से घटना के बारे में पूछताछ किया। सीओ ने कहा कि बवाल करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
ये थी घटना
विठ्ठलपुर गांव में 14 जून की रात दीपू निषाद की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने ग्राम प्रधान समेत उनके परिजनों पर पिटाई कर हत्या का आरोप लगाया। 18 जून को मृतक दीपू निषाद की मां रमावती देवी की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान चन्द्रभान सिंह, भाई उदयभान, ब्रजभान और सूर्यभान पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया।
मृतक दीपू निषाद के परिवार से मिलने के लिए शनिवार को मंत्री संजय निषाद पहुंचे थे। जिसके बाद भीड़ उग्र हो गई।