एकौना। क्षेत्र के तिघरा खैरवा गांव निवासी बिजेंद्र सिंह मानव तस्करी मामले में जेल से बाहर आने के बाद से ही फरार है। घरवालों को उसने कोई नंबर भी नहीं दिया है। जरूरत पड़ने पर वह खुद ही परिजनों से संपर्क करता है। बिजेंद्र से पूछताछ करने बुधवार की शाम एनआईए की टीम पहुंची थी। घरवालों से आवश्यक जानकारी लेकर वह वापस लौट गई। इससे पहले झंगहा और चौरीचौरा पुलिस भी गांव पहुंचकर बिजेंद्र से पूछताछ करने की कोशिश की, लेकिन उससे संपर्क नहीं हो सका। आरोपी विदेश भेजने के नाम पर मानव तस्करी के मामले में जेल से छूटकर बाहर आया है। इस पर गोरखपुर जिले के चौरीचौरा और झंगहा थाने में केस दर्ज है। एकौना थाने के तिघरा खैरवा गांव का रहने वाला बिजेंद्र सिंह पूर्व में पानी सप्लाई का काम करता था। कारोबार बढ़ने के बाद वह गोरखपुर में आरबीएस सेंटर खोलकर लोगों को विदेश भेजने लगा। आरोप है कि विदेश भेजने के दौरान कुछ लोग फर्जी वीजा में फंस गए। देवरिया और गोरखपुर जिले के कुछ युवक लीबिया में भी फंस गए थे। इन मामलों में झगहा और चौरीचौरा थाने में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी और मानव तस्करी के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज किया। अक्टूबर 2024 में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जनवरी में उसे बेल मिली और वह बाहर आ गया। इसके बाद उसने घर छोड़ दिया। पुलिस ने कई बार उससे पूछताछ करने के लिए परिजनों से संपर्क किया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। मानव तस्करी को लेकर छह माह पहले भी जांच एजेंसियों ने बिजेंद्र से पूछताछ की थी। जेल से बाहर आने के बाद बुधवार को एनआईए की टीम गांव पहुंची। बिजेंद्र के भाई प्रताप ने बताया कि जांच टीम आई थी, जिसमें पुलिस और एनआईए के लोग थे।