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महामारी पर भारी पड़ रही भूख और बीमारी

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देवरिया जिले के रुद्रपुर के लुअठई में बांसफोड़ बस्ती में भोजन की परेशानी बढ़ गई है। - फोटो : DEORIA
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महामारी पर भारी पड़ रही भूख और बीमारी
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रुद्रपुर(देवरिया)। कोरोना जैसी खतरनाक माहामारी से लड़ रहें लोगों को भूख और बीमारी से जान जाने का खतरा सता रहा है। लॉकडाउन के तीसरे दिन से ही गरीबों के घर चूल्हा जलने का आसार कम हो रहा है। सरकारी इमदाद और राशन का वितरण नहीं होने से बांसफोड़ और मुसहर बस्तियों में खाने के लाले पड़ रहे हैं। रुद्रपुर के लुअठई में सड़क के किनारे बसे बांसफोड़ों का परिवार भोजन के संकट से जूझ रहा है। बस्ती में बच्चे भूख से बिलबिला रहे हैं।
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शुक्रवार को सुबह बांसफोड़ बस्ती में भूख से परेशान बच्चों को बासी चावल खाकर भूख शांत करनी पड़ी। लुअठई में सड़क किनारे बांसफोड़ जाति के 17 लोगों का परिवार रहता है। यहां करीब 100 लोगों के भोजन की व्यवस्था बांस की खांची, सूप आदि बनाकर परिवार के मर्दो को करनी पड़ती है। लॉक डाउन होने से इनका धंधा पूरी तरह ठप है। रोज कमाकर खाने वाले इन कामगारों ने तीन दिन का राशन जमा किया था। अब राशन खत्म हो गया है। हाथ में फूटी कौड़ी भी नहीं कि दोबारा राशन खरीद सकें। छोटे बच्चे दूध के लिए तड़प रहें हैं। बस्ती में नवजात शिशुओं की माताएं उन्हें दूध भी नहीं पिला पा रही है। भोजन नहीं मिलने से माताओं का दूध भी नहीं उतर रहा। तीन माह तक गरीबों को फ्री राशन की घोषणा अभी जमीन पर नहीं उतर पाई है। बस्ती के सुखलाल, जगलाल, बबलू, जोगिंदर, हरिकेश आदि ने कहा कि लॉक डाउन होने से बांस के बने सामान के खरीदार नहीं आ रहे हैं। पुलिस के डर से कोई घर से नहीं निकल रहा। बहुत बुरा दिन आ गया है। छांगुर, बिहड़ और गोबरी ने कहा कि कोरोना के पहले भूख से जान जा सकती है। लोग भूख से बीमार हो रहें हैं। उनको दवाई भी नहीं मिल रही। राशन पानी और दवाई नहीं मिली तो गरीबों की झोपड़ी से लाशें निकलने लगेंगी। इस बाबत एसडीएम ओमप्रकाश ने कहा कि मुफ्त राशन का वितरण जल्द शुरू हो जाएगा। आपूर्ति विभाग को निर्देश दिया गया है। किसी को भूखा नहीं सोने दिया जाएगा।
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