बरहज। राप्ती के पानी से घिरा भदिला प्रथम गांव टापू बन गया है। यहां की अधिकतर आबादी खेती और मजदूरी पर निर्भर है, मगर राहत सामग्री का वितरण शुरू नहीं हुआ है। इससे उनमें नाराजगी है।
रास्ता बंद होने से घरों में रोजमर्रा के समान की किल्लत होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से आवागमन के लिए न तो नाव है और न ही कहीं सुनवाई हो रही है।
बरसात को छोड़ अन्य दिनों में गांव के लोग खेत की पगडंडियों के रास्ते किसी तरह आवागमन करते हैं। लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होने ओर नदियों के उफनाने पर गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। अब करीब तीन माह तक स्थिति विकट रहेगी।
शनिवार को कपरवार चौराहे पर मिले भदिला प्रथम गांव के केशव यादव, राहुल, गरजू, रामकृपाल, तड़पू आदि का कहना था कि इस बार पहली बारिश में ही गांव बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिर गया।
प्रशासन की ओर से अब तक कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। सबसे ज्यादा समस्या भोजन की हो गई है। लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। विषैले जीव-जंतुओं और संक्रामक बीमारियों का भी डर सता रहा है।