बरहज। सरयू नदी का जलस्तर शनिवार की सुबह से स्थिर है, जबकि राप्ती के जलस्तर में 10 सेमी की कमी दर्ज की गई है। सरयू के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से मोहन सेतु के पास दियारा में नदी बेतहाशा कटान कर रही है।
इससे परसियां-विशुनपुर देवार के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी दियारा क्षेत्र में मऊ जनपद के बिनटोलिया गांव के करीब पहुंच गई है। वहीं भदिला प्रथम गांव चारों ओर से राप्ती के पानी से घिरा है।
करीब 20 दिन से सरयू में सैलाब उमड़ आया है। नदी थाना घाट के पक्की सीढि़यों के करीब तक पहुंच गई है। सरयू खतरे के निशान 66.50 से 65 सेंटीमीटर नीचे 65.85 मीटर, जबकि राप्ती में 10 सेंटीमीटर की कमी आने पर नदी 67.90 मीटर पर बह रही है। नवीन बांधों पर भी नदी का दबाव बढ़ गया है।
ग्रामीण मंजनाथ, रमाशंकर यादव, संजय यादव, शिवमंगल यादव, छोटेलाल, शंकर यादव आदि का कहना है कि बाढ़ खंड की ओर से समय रहते ठोस इंतजाम नहीं किए गए होते तो सरयू कहर बरपाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
भागलपुर संवाद के अनुसार पहाड़ों पर बारिश के कारण सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी 24 घंटे में नौ सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान के करीब पहुंचने लगी है। इससे तटवर्ती ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
केंद्रीय जल आयोग की तुर्तीपार के अनुसार, शनिवार शाम चार बजे सरयू ्आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही थी। तुर्तीपार गेज मीटर पर जलस्तर 63.72 मीटर रिकाॅर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से महज 38 सेमी नीचे है।