गांवों में बैंकिंग कार्य करेंगी बीसी सखियां
बैकुंठनाथ शुक्ल
देवरिया। खेती-बाड़ी से लगायत उद्यम क्षेत्र में भागीदारी निभा रही समूह की महिलाएं अब ग्रामीण अंचल में बैंकिंग सेवाएं भी देंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्राम्य विकास विभाग जिले में 60 बीसी सखियों (ब्लाक क्रॉस्पॉडेंट) को प्रशिक्षण देने जा रहा है। यह सखी स्वयं सहायता समूह की छह माह पुरानी सदस्य हैं।
समूह के सभी शर्तों का पालन करने वाली महिलाओं को आरसेटी के माध्यम से छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। बैंकिंग कार्यों में निपुण होने के बाद इन्हें जनसेवा केंद्र का लाइसेंस प्रदान किया जाएगा। नजदीकी बैंक से जुड़कर बीसी सखियां समूह के रुपयों का लेन देन तो करेंगी ही आम लोगों का खाता खुलवाकर छोटे रकम की जमा व निकासी करेंगी। जनसेवा केंद्र खोलने के लिए बीसी सखियों को नोडल ग्राम संगठन संकुल के माध्यम से ब्याज मुक्त ऋण मुहैया कराया जाएगा। एनआरएलएम की ओर से मिशन एक ग्राम पंचायत, एक बीसी सखी संचालित किया जा रहा है। इसके तहत जिले के सभी ग्राम पंचायतों में बीसी सखी जनसेवा केंद्र खोले जाने हैं। इसकी शुरूआत सक्रिय ब्लाक गौरीबाजार, भाटपाररानी, रूद्रपुर, बनकटा, देवरिया सदर, भागलपुर के दस ग्राम पंचायतों में की जानी है। बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्र की तर्ज पर बीसी सखी कार्य करेंगी। खाता खोलने व रुपये की जमा निकासी से प्राप्त होने वाला कमीशन उनके आय का जरिया होगा। एक अनुमान के मुताबिक प्रत्येक बीसी सखी हर माह करीब छह हजार रुपये की आमदनी कर पाएंगी। एनआरएलएम की ओर से गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बीसी सखी बनाया जा रहा है। महिला छह माह से समूह में कार्यरत हो। उसने 52 बैठकों में हिस्सा लिया हो। आयु सीमा 18 से 40 वर्ष और शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल पास होना अनिवार्य है।
मिशन एक ग्राम पंचायत, एक बीसी सखी के तहत समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा है। यह महिलाएं जनसेवा केंद्र के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग कार्य करेंगी। इससे इनकी आमदनी बढ़ेगी ही आसपास के लोगों को छोटे रकम की जमा निकासी के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
- अरविंद कुमार सिंह, मिशन प्रबंधक, एनआरएलएम।