कहने को शहर, सड़कें खस्ताहाल
देवरिया। कदम-कदम पर उखड़ी सड़कों के कारण शहरवासी परेशान हैं। यूं कहा जाए कि शहर की अधिकांश सड़कें जख्मी हो चुकी हैं। इन्हें देखकर लगता ही नहीं है कि शहर की सड़कें हैं। सड़क पर बने गड्ढे हादसे की वजह बन रहे हैं। जर्जर सड़कों की वजह से वाहन सवार बीमारियों की चपेट में आ रहे है। गड्ढा युक्त सड़कों पर लग रहे झटकों के कारण लोग पीठ दर्द को पीड़ित हो रहे हैं। नगरपालिका, लोक निर्माण विभाग, डूडा गड्ढा मुक्ति को लेकर खास गंभीर नहीं है।
शहर में कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रमापति राम त्रिपाठी, विधायक कमलेश शुक्ल, राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद, सदर विधायक जन्मेजय सिंह, बरहज विधायक सुरेश तिवारी सहित कई प्रमुख सत्ताधारी नेताओं में किसी का निवास है तो किसी का कैंप कार्यालय। सड़कों की दशा देखकर इनके मन में भी सवाल नहीं उठ रहा है। देखा जाए तो शहर में शायद ही कोई ऐसी सड़क होगी जो उखड़ी न हो। उखड़ी सड़कों के कारण शहरवासी परेशान हैं। क्योंकि अधिकांश सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। आए दिन दो पहिया वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो कोतवाली क्षेत्र में 100 से अधिक हादसे सड़कों पर बने गड्ढे की वजह से हुए हैं, लेकिन नगरपालिका के जिम्मेदार इसकी सुधि नहीं ले रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सड़कों के गड्ढे लोगों को पीठ दर्द का शिकार बना रहे है। शहर में अमर ज्योति से लकड़ी हट्टा, महराजा अग्रसेन बालिका इंटर कॉलेज के सड़क पर गंदा पानी बह रहा है।
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ये सड़कें गड्ढों में हुईं तब्दील
देवरिया। वैसे तो शहर की अधिकांश सड़कें जर्जर हो गई हैं। इसमें चकियवां ढाले से पिपरपांती मार्ग, ट्यूवेल कॉलोनी से साकेत नगर, लकड़ी हट्टा, अमर ज्योति रोड, विजय टॉकिज रोड, न्यू कॉलोनी रोड, भीखमपुर रोड से डॉ. रमेश चंद्र की गली, रामनाथ देवरिया शहीद गेट मार्ग, रामनाथ देवरिया पूर्वी से वन विभाग को जाने वाली सड़क, मुंसफ कॉलोनी से हनुमान मंदिर से देवरिया रामनाथ की तरफ जाने वाली सीसी रोड, भगवान चौराहा को जाने वाली सड़क, कसया ढाला ने रामगुलाम टोला रोड, रागिनी मोड़ से यमुना सदन मार्ग, पेड़ा गली, मोहन रोड, भटवलिया चौराहा से नाथ नगर जाने वाली सड़क, राघवनगर, उमानगर, देवरिया खास सहित 70 से अधिक सड़कें शामिल हैं।
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क्या कहते हैं लोग
नगरपालिका परिषद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ चुके अशोक मद्वेशिया का कहना है कि जनप्रतिनिधि जनता की सुध नहीं ले रहे है। उन्होंने कहा कि नगर में विकास कार्य ठप है। नाली, सफाई, सड़क की व्यवस्था चौपट हो गई है। अधिवक्ता शेखर गुप्ता का कहना है कि जनहित में कोई कार्य नहीं हो रहा है। जनता को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, नहीं मिल पा रही है। सड़कों पर राह चलना दुश्वार हो गया है। पूर्व सभासद दिनेश गुप्ता का कहना है कि जर्जर सड़कों की वजह से आए दिन सीसी रोड पर लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग, नगरपालिका, डूडा सभी सड़कों को लेकर गंभीर नहीं है।
‘कमर दर्द से परेशान लोगों की संख्या बढ़ी’
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन विहारी शुक्ल का कहना है कि सड़कों पर गड्ढों की वजह से लोग सही तरीके से बैलेंस नहीं बना पाते है। झटका बार-बार लगने की वजह से मसल्स पर दबाव पड़ता है जिसकी वजह से लोग कमर दर्द से परेशान हो रहे है। इधर कमर दर्द से परेशान रोगियों की संख्या बढ़ी है।
शहर की 60 सड़कों का टेंडर कराया जा चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। गड्ढा मुक्ति का कार्य धन के अभाव में पूर्ण नहीं हो सका है।
सत्यप्रकाश सिंह
अधिशासी अधिकारी
नगरपालिका परिषद