देवरिया। जिले में 15 अगस्त से परिषदीय विद्यालयों के भवनों में बाल वाटिका का शुभारंभ होगा। इसकी तैयारी में बेसिक शिक्षा विभाग जुट गया है। बाल विकास विभाग से समन्वय बनाकर इसको शुरू करने की तैयारी है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों के विलय के बाद 251 विद्यालयों के भवन खाली हो गए। इन खाली भवनों में बाल वाटिका स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें तीन से छ: वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और ईसीसी एजुकेटर अक्षर और व्यावहारिक जीवन का ज्ञान कराएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी की बैठकें भी लगातार हो रही हैं। इस बीच शासन के निर्देश के बाद दोबार विलय पर विचार करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके तहत विलय वाले विद्यालयों की संख्या में कुछ परिवर्तन होने की संभावना है। जिला कार्यक्रम अधिकारी को अभी 227 विद्यालयों की जानकारी मिली है। इस आधार पर विभाग ने बाल वाटिका की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि इसमें अभी 116 परिषदीय विद्यालयों के परिसर में पहले से आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। इनके अपने भवन हैं। ऐसे में बाल विकास विभाग इन विद्यालयों के भवनों के लेने में हिचकिचा रहा है। इसके पीछे भवन की स्थिति का आकलन न होना और उनके रखरखाव के लिए बजट की व्यवस्था नही होना बताया जा रहा है। फिलहाल विलय होने वाले विद्यालयों का एक बार पुन: बाल विकास विभाग सर्वे कराने में जुटा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी आदीश मिश्र ने बताया कि विलय वाले भवनों की सूची में अभी परिवर्तन हो रहा है। पहले की सूची के अनुसार सर्वे कराया गया है। नई सूची मिलने पर पुन: सर्वे कराया जा रहा है। इसमें से अधिकांश विद्यालय के परिसरों में पहले से आंगनबाड़ी केंद्र अपने भवन में संचालित हैं।
कोट..........
पेयरिंग के बाद खाली हुए परिषदीय विद्यालयों के भवन में बाल वाटिका शुरू करने की तैयारी है। बाल विकास विभाग से समन्वय बनाया जा रहा है। 15 अगस्त से इसकी शुरुआत करने का प्रयास है।
शालिनी श्रीवास्तव, बीएसए