फरवरी में ही घर आने वाला था अमजद
रामपुर कारखाना (देवरिया)। खलीलाबाद में कार और कंटेनर की शनिवार देर रात हुई आमने-सामने की जोरदार टक्कर से कार में सवार दो भाइयों समेत पांचों युवकों की मौत हो गई। रविवार देर शाम करमहा गांव में दोनों भाइयों सहित तीनों युवकों का शव पहुंचते ही गांव में क्षेत्र के लोगों की भीड़ जमा हो गई, उधर हिरंदापुर में भी शव पहुंचते ही कोहराम मच गया।
करमहा गांव के अमजद अली इस साल के फरवरी माह में ही छुट्टी पूरा करके घर आने वाले थे, लेकिन कोरोना के चलते उड़ाने बंद होने की वजह से वह घर नहीं आ सके। छह महीने बाद जब दोबारा छुट्टी मिली तो वह हंसी-खुशी घर के लिए निकले थे। अमजद की शादी चार साल पहले परवीन के साथ हुई थी। शादी के करीब 15 दिन बाद ही रोजी-रोटी के लिए निकल पड़ा था। दो साल बाद आया भी तो करीब एक माह के भीतर ही आर्थिक तंगी की वजह से फिर चला गया। उसकी मां की मृत्यु भी करीब छह माह पहले हो गई थी। पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी परवीन बदहवास ही उठी उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गांव के दूसरे मृतक युवक रियाज की भी पांच साल पहले ही शादी हुई थी। हादसे की खबर मिलते ही पत्नी रिजवाना, मां शकीना और पिता नत्थू का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उधर, हिरंदापुर गांव के वाहन चालक आस मोहम्मद के घर भी दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी सदरुन, पुत्र जाकिर, जाहिद, अजहरुद्दीन, आसिफ, साकिब और पुत्री रुखसार के चीत्कार से मौजूद लोगों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े।
बेबस भाइयों ने कहा-काश छह महीने पहले चला गया होता
बड़े भाई गुलाम अली और नौशाद भी भाइयों के इस तरह रास्ते में मौत के मुंह में समा जाने से विचलित हो उठे हैं। गांव के करीबी लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया तो वह एक ही बात कहते रहे कि काश लाकडाउन नहीं हुआ होता, छह महीने पहले ही अमजद घर चला गया होता तो शायद दोनों भाई आज जीवित होते।
संतकबीर नगर अस्पताल पहुंचे विधायक प्रतिनिधि
खलीलाबाद सड़क हादसे में मारे गए पांच युवकों के मौत की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। हादसे वाली जगह पर क्षेत्र से बहुत से लोग वहां पहुंच गए। सूचना मिलते ही रामपुर कारखाना के विधायक कमलेश शुक्ला के प्रतिनिधि डॉ. संजीव शुक्ला अपने लोगों के साथ संतकबीर नगर अस्पताल पहुंचे। वहां अस्पताल प्रशासन से बात कर डॉक्टरों का एक पैनल गठित कराकर पोस्टमार्टम कराया। शवों के साथ उनके घर पहुंचे। जनाजे में शामिल होकर परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान, देवता बाबू मद्धेशिया, श्रीनिवास यादव, रविंद्र शर्मा, आदि मौजूद थे।
क्षेत्र में एक साथ पहुंचा चार शव, लोगों की आंखें र्हुईं नम
करमहा गांव में रात आठ बजे के करीब दो भाइयों सहित तीन युवकों का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। सुबह से आंसुओं में डूबे दो परिवारों के अलावा क्षेत्र के कई गांवों के जुटे लोग भी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। उधर हिरंदापुर गांव में भी चालक के शव पहुंचते ही हुजूम उमड़ पड़ा।
गांव के बाहर कब्रिस्तान पर आसपास के गांवों के हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। एक साथ तीन युवकों के जनाजे की नमाज शुरू होते ही उसमें शामिल लोग अपनी भावनाओं और सिसकियों को रोक नहीं सके। इस दौरान इस्माइल अंसारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुन्ना यादव, इकबाल अहमद, अतहर हुसैन, अब्दुल रहीम, नीरज चौरसिया, सहित हजारों लोग मौजूद रहे।
गांव में घंटों तक जमा रहा प्रशासनिक अमला
दिल दहला देने वाले इस भीषण सड़क हादसे में क्षेत्र के चार युवकों के मरने की बात पर प्रशासनिक अमला भी काफी मर्मांहत रहा। रात आठ बजे करमहा गांव में तीन और हिरंदापुर में एक शव पहुंचने से पहले से ही प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पीड़ित परिजनों को सांत्वना देते रहे। सदर एसडीएम सौरभ सिंह, सीओ सिटी निष्ठा उपाध्याय, प्रभारी एसओ घनश्याम सिंह फोर्स के साथ करीब 11 बजे रात तक मौके पर जमे रहे। मिट्टी दिए जाने के बाद प्रशासन ये जुड़े लोग वापस गए।