देवरिया। पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ लखनऊ में दर्ज मामले में सीजेएम कोर्ट ने बी-वारंट निरस्त कर दिया है। इससे उनके जेल से बाहर आने की उम्मीद बढ़ गई है। कोर्ट ने शनिवार को अपना निर्णय जारी किया। शुक्रवार को इस प्रकरण पर बहस के बाद सीजेएम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि लखनऊ सीजेएम कोर्ट ने गोमतीनगर विस्तार थाने में दर्ज प्राथमिकी में जारी अपना ही बी-वारंट का आदेश निरस्त कर दिया। शुक्रवार को इस पर अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता दीपक कुमार ने कोर्ट में बहस की थी।
इसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। शनिवार को कोर्ट ने निर्णय जारी करते हुए बी-वारंट निरस्त कर दिया। इसके बाद पूर्व आईजी की रिहाई का रास्ता साफ हो गया।