फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नदियों के जलस्तर में गिरावट, कटान हुई तेज, गायघाट के पास दो मीटर बांध कटा

विज्ञापन
विज्ञापन
नदियों के जलस्तर में गिरावट, कटान हुई तेज, गायघाट के पास दो मीटर बांध कटा
विज्ञापन

रुद्रपुर। वर्ष 1998 के उच्च बाढ़ स्तर को छूकर दोआबा और कछार की दोनों नदियां तेजी से नीचे जा रही हैं। सोमवार की शाम खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच चुकी गोर्रा नदी का जलस्तर मंगलवार की सुबह 15 सेमी घट गया। गोर्रा नदी का जलस्तर 72.00 मीटर पर है। वहीं राप्ती नदी का जलस्तर घटकर 71.95 मीटर पर पहुंच गया है। दोनों नदियों के जलस्तर में 15 सेमी की कमी आई है। हालांकि दोनों नदियों के लाल निशान 70.50 से ऊपर रहने से खतरा अभी टला नहीं है।
विज्ञापन

सोमवार को रात सेमरौना नकइल बांध पर गायघाट के करीब जलस्तर घटने से कटान तेज हो गया। यहां दो मीटर बांध कटकर नदी में बह जाने से गांव में हाहाकार मच गया है। आधी रात को गांव वाले बंधे पर पहुंच गए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन को तत्काल बचाव कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। रात में पहुंची सिंचाई विभाग की टीम कटान स्थल पर पारकोपाइन डाल कर कटान रोकने का प्रयास कर रही है। यहां नदी की धारा सीधे बंधे पर ठोकर मार रही है। इस कारण बांध कटकर नदी में गिरता जा रहा है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सचिन अग्रवाल ने बताया कि अब तक कंकरीट से बने 130 और लकड़ी की बल्ली के 90 पारकोपाइन कटान स्थल पर डाल दिया गया है। कटान स्थल पर पड़ रहे पारकोपाइन नदी के तोड़ को रोक नहीं पा रहे हैं। गायघाट पर कटान नहीं रुकने से गांव के चौथी बार उजड़ने की आशंका है। गांव के सत्यवान यादव, राममनोहर यादव, गिरधारी, ध्रुवदेव, संतोष आदि ने कहा कि राप्ती नदी के कटान से गायघाट तीन बार विस्थापित हो चुका है। यहां कि आधी आबादी गांव छोड़ कर पलायन कर चुकी है। चौथी बार बांध कटा तो यह गांव तहसील के मानचित्र से पूरी तरह मिट जाएगा। इस बाबत एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय ने कहा कि गायघाट को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी गई है। कटान काबू में है। पानी कम होने के बाद कटान के स्थाई निदान के लिए कार्ययोजना तैयार होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें