देवरिया। बैतालपुर कस्बे से एक मकान में करीब ढाई वर्ष से रह रहे चार युवकों को पुलिस ने नहीं उठाया था, बल्कि पुलिस के आने के भय से वह खुद बिना बताए मकान छोड़कर अपने गांव निकल गए। उन्हें खोजते हुए पुलिस आई थी। लोगों ने बताया कि एक वाहन आते हुए देखा गया था और वह तुरंत चला भी गया। सूत्रों की मानें तो मुरादाबाद से एक युवती की शादी की नियत से अपहरण हुआ था। पुलिस को कहीं से भनक लगी थी कि चारों युवकों के पास ही युवती है। इस अफवाह पर पुलिस बैतालपुर के लिए निकली थी। पुलिस के आने की सूचना पर चारों युवक बिना किसी को सूचना दिए धीरे से निकल गए। अचानक से युवकों के गायब होने व पुलिस की वाहन आने के बाद लोग कयास लगाने लगे कि युवकों को पुलिस या फिर एजेंसी ने उठा लिया है। इस अफवाह पर गौरीबाजार पुलिस ने जानकारी ली तो चारों युवक अपने गांव गए हुए मिले।
जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बैतालपुर कस्बे में राहुल विश्वकर्मा की मकान है। उन्होंने कुछ महीने पहले चार युवकों को मकान किराए पर दिया था। उनसे बैतालपुर के समीर अंसारी ने बात करके चारों युवकों को रखवाया था। इधर समीर अंसारी छह माह से एक लड़की को लेकर फरार है। चारों युवक फेरी का कार्य करते थे। फेरी कर वह कपड़ा बेचते थे। युवक प्रायः शाम को सब्जी आदि लेने निकलते थे। इधर ग्रामीणों को इनके बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं थी। शुक्रवार देर रात कुछ गाड़ियों के काफिले के साथ जांच एजेंसी ने दबिश दी। इसके बाद चली गई। लोगों ने जानकारी मिली तो युवक गायब मिले। इसके बाद अफवाह फैल गई कि चारों युवक को पुलिस उठा ले गई है। इसके बाद गौरीबाजार थानाध्यक्ष डीके मिश्रा ने इस अफवाह की पड़ताल कराई तो पता चला कि युवक को किसी एजेंसी या पुलिस ने नहीं उठाया है। वह तो पुलिस के पहुंचने की अफवाह सुन पहले ही फरार हो गए थे। जानकारी मिली है कि पुलिस को सूचना मिली कि अपहृत एक युवती को यह लोग अपने पास शरण दिए हैं। इस सूचना के बाद पुलिस वहां से निकली थी। इसी बीच इन सभी को जानकारी मिली और वह फरार हो गए। पुलिस पहुंची तो वह नहीं मिले। इसके पुलिस भी वापस लौट गई। पुलिस ने स्थानीय पुलिस से भी संपर्क नहीं किया। थानाध्यक्ष ने बताया कि युवक के अपने गांव होने की सूचना मिली है।