किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
भारत सरकार के केंद्रीय कृषि मंत्री ने की वीडियो कांफ्रेंसिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। भारत सरकार केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से जुड़े। भारत सरकार की ओर से किसानों की आय बढ़ाने के लिए घोषित एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड पर व्यापक चर्चा हुई। कृषकों की आय दोगुना करने के लिए इसका उपयोग करने तथा इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने की प्राथमिकता के साथ कार्य करने की बात कही।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही एनआईसी देवरिया में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर से रूबरू हुए और प्रदेश के कृषि क्षेत्र में उपलब्धियों, नीतियों एवं किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी से अवगत कराया। आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत किसानों के आर्थिक उन्नयन पर बल दिया गया। फॉर्मर प्रोड्यूस आर्गेनाइजेशन को बढ़ावा देने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट कृषि मार्केटिंग एवं किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य मिले, इसके लिए कृषि क्षेत्र में कार्य किए जाने बल दिया गया, ताकि आत्मनिर्भर भारत के तहत किसानों की आय बढ़े।
गन्ने के विकास में बाधक है समय से भुगतान नहीं होना
बसडीला गांव में आयोजित गोष्ठी में किसानों ने बताई अपनी समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच की ओर से बृहस्पतिवार को बसडीला गांव में गन्ना विकास गोष्ठी का आयोजन हुआ। गन्ना के अधिक पैदावार की जानकारी किसानों को दी गई। किसानों ने गन्ना के विकास में बाधक समय से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होना बताया।
संस्थान के सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि शरद काल में गन्ना बोने से 25 फीसदी उपज बढ़ जाएगी। अधिक उपज देने वाले गन्ना प्रजाति की बुआई किसान करें। जलभराव वाले खेतों में गन्ने की बुआई न करें, सूख जाएगा। इससे गन्ने में कैंसर, काना रोग लगने का खतरा रहता है। गन्ने की खेती के साथ किसान आलू, लहसुन, गोभी, टमाटर, प्याज की खेती कर सकते हैं। इसकी तस्वीर किसानों को दिखाकर जागरूक किया गया। जिला गन्ना अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने जिले के सभी गन्ना किसान से अपील की कि अपने गन्ना सर्वेक्षण देख लें, घोषणा पत्र अवश्य भरें। गन्ना आपूर्ति के लिए पर्ची की सूचना किसान के मोबाइल पर मैसेज के जरिए दी जाएगी। इसलिए किसान अपना मोबाइल नंबर जरूर दर्ज कराएं, जो किसान घोषणा पत्र नहीं जमा करेगा, उसे गन्ना आपूर्ति की सुविधा नहीं मिलेगी। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे गंगा मल्ल ने बताया कि गन्ना किसानों के विकास में बाधक समय से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होना है। समय से गन्ना का मूल्य का भुगतान नहीं होने कारण किसान गन्ने की खेती से मुंह मोड़ रहे हैं। जिले के किसानों का करीब 42 लाख बकाया है। इस दौरान अवधेश मणि, अनिल कुमार मिश्र, इंद्रजीत मल्ल, रमाशंकर मिश्र, नईम अंसारी, बलवंत शर्मा, फैयाज आदि मौजूद रहे।
कृषि रक्षा इकाई केंद्र पर नहीं है रोगनाशक व कीटनाशक दवा
किसान परेशान, बाजार से महंगे दाम पर खरीद रहे दवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
मईल। भागलपुर ब्लॉक के कृषि रक्षा इकाई केंद्र मईल में कोई भी रोगनाशक और कीटनाशक दवा उपलब्ध नहीं है। इसके चलते अपनी फसलों को रोग व कीट से बचाने के लिए किसानों को प्राइवेट दुकानों से मंहगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। इससे किसानों में आक्रोश है।
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए फसल में लगने वाली रोग व उपचार की दवा के लिए हर ब्लॉक में कृषि रक्षा केंद्र बनाया है। इस समय किसानों की धान की फसल में दीमक, पत्ती लपेटक कीट, हरा, भूरा, फुदका कीट बैक्टीरियल ब्लाइट झुलसा से फसल के पत्ते पीला होने वाले रोग से ग्रसित हो चुके हैं। किसान जब किसान रक्षा इकाई केंद्र मईल पर जा रहे हैं तो दवा नहीं मिल रही है। प्रभारी बसंत लाल ने बताया कि इस वर्ष कोई भी रोगनाशक व कीटनाशक दवा जिला द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई है। मईल क्षेत्र के किसान विनोद चौधरी, राजबहादुर सिंह, कन्हैया तिवारी, घनश्याम चौधरी, यशवीर सिंह, हरदेव मणि त्रिपाठी, राकेश सिंह, बलिराम मिश्र, श्यामू यादव, केशव मौर्या, कन्हैया कुशवाहा, वंशराज यादव, सुनील मिश्र, बलिराम सिंह आदि किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार रोगनाशक व कीटनाशक दवाओं पर 50% से 90% तक छूट दे रही है। जिसका लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। वहीं, कृषि रक्षा इकाई केंद्र पर दवा उपलब्ध न रहने से किसानों को महंगे दाम पर दवा खरीदना पड़ रही है। किसानों ने दवा उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में जिला कृषि रक्षा अधिकारी रतन शंकर ओझा ने बताया कि इस वर्ष दवा का क्रय नहीं होने से कृषि रक्षा इकाई केंद्रों पर दवा नहीं जा सकी।
पिपरा दौलाकदम गांव में कृषि मंत्री ने सुनीं समस्याएं
बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
देसही देवरिया। देसही देवरिया के पिपरा दौलाकदम गांव में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुधवार की देर शाम चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी। बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का भरोसा दिया।
प्रधान वंदना श्रीवास्तव के दरवाजे पर लगी चौपाल में मंत्री ने कहा कि देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी निर्देशों का स्वयं कड़ाई से पालन करना चाहिए। गांव की जो भी बुनियादी जरूरतें हैं, उन्हें पूरा कराया जाएगा। सरकार गांव और गरीबों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। प्रधान प्रतिनिधि सुनील श्रीवास्तव ने भी गांव के लोगों की तरफ से विकास कार्यों को लेकर अपनी मांग रखी। चौपाल के बाद कृषि मंत्री गांव के एक कर्मचारी के निधन की सूचना पर परिवार मिले। इस दौरान प्रमोद कुमार दुबे, नरेंद्र द्विवेदी, राकेश लाल श्रीवास्तव, दिवाकर श्रीवास्तव, आलम अंसारी, राकेश प्रसाद आदि मौजूद रहे।
किसानों को मुर्गी प्रजातियों एवं प्रबंधन की दी गई जानकारी
भाटपाररानी। कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना की ओर से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत प्रवासी श्रमिकों के लिए मुर्गी पालन विषय पर मंगलवार से शुरू तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन बृहस्पतिवार को हुआ। प्रशिक्षण के अंतिम दिन केंद्र के प्रभारी रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में मुर्गी पालन की अपार संभावनाएं हैं। जिसे बढ़ावा देकर मुर्गी पालकों के पोषण और आय में वृद्धि कर उनके जीवन स्तर को समृद्ध बनाया जा सकता है। किसान मुर्गी पालन या अंडा उत्पादन के लिए मुर्गी की प्रजातियों का चयन कर अच्छा लाभ कमा सकते हैं। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरपी साहू ने मुर्गी पालन में आवश्यक आवास व्यवस्था उनके आहार एवं रहन-सहन के बारे में जानकारी दी। इस दौरान जेके चौहान, डॉ. पुरुषोत्तम मौर्या, अजय तिवारी आदि मौजूद रहे।