संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/भलुअनी। अंधविश्वास ने जिले में दो मासूमों की जिंदगी छीन ली। करीब आठ माह पहले भटनी थाना क्षेत्र के बेहराडाबर गांव में हुई 12 वर्षीय अनुष्का की बलि की यादें अभी थमी भी नहीं थीं कि भलुअनी क्षेत्र पटखौली में उसी तरह की एक और घटना सामने आई है।
यहां नौ साल के आरुष को बलि की वेदी पर चढ़ दिया गया। आरोपी और कोई नहीं बल्कि उसका सगा फूफा इंद्रजीत है, जिसने सोखा यानी अपने मामा के बहकावे में आकर इस घटना को अंजाम दिया है।
शनिवार को पुलिस ने जब आरुष हत्याकांड का खुलासा किया तो पता चला कि इंद्रजीत गौड़ की शादी दिसंबर 2024 में आरुष की बुआ से हुई थी। इंद्रजीत पर किसी देवी का साया था। वह हमेशा बीमार रहता था। ससुराल पक्ष के लोगों ने देवी का साया देख इंद्रजीत का झाड़-फूंक कराना शुरू किया। झाड़ फूंक करने वाला कोई और नहीं, बल्कि इंद्रजीत का मामा जयप्रकाश था, जिसने कथित तौर पर बलि की सलाह दी थी।
आरोपी इंद्रजीत को उसके मामा ने देवी को खुश करने और करोड़पति बनने का प्रलोभन दिया था। मामा ने यह तर्क दिया कि यदि किसी मासूम की बलि दी जाए तो देवी प्रसन्न हो जाएंगी और सिद्धि प्राप्त होगी। इंद्रजीत इस झांसे में आ गया और साले के बेटे आरुष को मौत के घाट उतार दिया था। इस पूरे कांड में इंद्रजीत का साढू शंकर, मौसेरा भाई भीम गौड़ व मामा जयप्रकाश गौड़ भी शामिल थे।
आठ माह पहले अनुष्का की बलि ने भी किया था रिश्ते को शर्मसार : इस ताजी घटना ने लोगों को करीब आठ माह पहले भटनी में हुए अनुष्का हत्याकांड की याद दिला दी है। तब भी अंधविश्वास की आड़ में मासूम की बलि दी गई थी। उस घटना में भरहे चौरा गांव निवासी अवधेश यादव की 12 वर्षीय बेटी अनुष्का अपनी दादी के मायके में एक शादी समारोह में शामिल होने गई थी।
27 नवंबर की शाम वह अचानक बेहराडाबर गांव से लापता हो गई थी। अगले दिन गांव में मक्के के डंठल के नीचे उसका मृत शरीर पाया गया था। पुलिस जांच में पता चला था कि अनुष्का की हत्या उसकी दादी के भाई और भाभी ने इसलिए कर दी थी, क्योंकि उन्होंने यूट्यूब पर तंत्र-मंत्र से संबंधित वीडियो देखे थे। वीडियो से प्रेरित होकर उन्होंने यह विश्वास कर लिया था कि बलि देने से उनका मानसिक रोगी बेटा ठीक हो जाएगा। हत्या से पहले आरोपी दंपती ने बाकायदा पूजा, अनुष्ठान और तैयारी की थी। इन दिनों दोनों आरोपी जेल में बंद है। रिश्ते को कलंकित करने वाला यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना था।