खाद्य पदार्थ जांच करती खाद्य सुरक्षा अधिकारी।स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। गुझिया के बिना होली का त्योहार अधूरा लगता है। इसके चलते होली का त्योहार नजदीक आते ही बाजार में गुजिया बनाने में प्रयुक्त सामग्री की मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा मिलावटखोर उठाते हैं। वे मैदा में चॉक पाउडर या स्टार्च, बेसन में मक्के का आटा और सूची में खराब चावल का टुकड़ा मिलाकर मोटा मुनाफा कमाते हैं। जानकारों का कहना है कि इन सामान की खरीदारी करते समय थोड़ी भी असावधानी हुई तो गुझिया आपका स्वास्थ्य भी बिगाड़ देगी।
सहालग और त्योहार समेत अन्य अवसर पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट का धंधा तेज हो जाता है। खाद्य कारोबारियों का कहना है कि बाजार में कम कीमत पर मिलने वाले सरकारी दुकान के टूटे और खराब चावल को धंधेबाज आधे रेट में खरीद ले रहे हैं। धंधेबाजों को यह चावल 12 से 15 रुपये किलो की दर पर मिल जाता है। इसे पीसकर सूजी और मैदा में मिला देते हैं। इसकी रंग और बनावट में मामूली अंतर होने के चलते आम उपभोक्ता उसकी पहचान नहीं कर पाते हैं। इसी तरह चने के बेसन में मक्के का आटा के अलावा मटर का आटा भी मिलाया जा रहा है, जिससे लागत घट जाती है और मुनाफा बढ़ जाता है। मिलावट की पुष्टि खाद्य विभाग की तरफ से पिछले होली पर एकत्र नमूनों की जांच रिपोर्ट कर रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधिक विभाग की तरफ से पिछले वर्ष होली पर बेसन के एकत्र चार नमूनों में से दो में मिलावट मिली थी। इसी तरह सूजी के तीन और मैदा के एकत्र चार नमूने प्रयोगशाला की जांच में फेल हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि होली पर जिले में औसतन 150 मीट्रिक टन मैदा व करीब 100 मीट्रिक टन बेसन की खपत होती है। त्योहार में यह दो गुना हो जाता है। वहीं 80 मीट्रिक टन से अधिक करीब सूजी की खपत होती है। देवरिया में सारा माल गोरखपुर से आता है। शुक्रवार को कसया में इस तरह की मिलावट की आशंका में 158.5 किलोग्राम बेसन को विभाग ने जब्त भी किया था।
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त्योहार पर लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिले इसके लिए विभाग पूरी तरह गंभीर है। मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विभाग की तरफ से गठित टीम जांच में जुटी है। संदेह के आधार होली पर अब तक करीब 15 नमूने एकत्र किए गए हैं। यदि कहीं मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री होने की जानकारी मिले तो विभाग को सूचित करें। शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। - प्रदीप कुमार राय, सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग।
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मिलावाटी खाद्य पदार्थों के सेवन से स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव होता है। जैसे उल्टी, मिचली, दस्त, अलर्जी होने की संभावना अधिक होती है। यदि लंबे समय तक मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं तो लीवर और किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। -डॉ. प्रवीण कुमार राव, डीएम गैस्ट्रो।
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