मनोकामना हनुमान मंदिर का जमीन प्रकरण
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देवरिया जिले के चर्चित मनोकामना हनुमान मंदिर जमीन विवाद को लेकर शुक्रवार को प्रशासनिक अमला एक्शन मोड में दिखा। सुबह छह बजे से ही मंदिर के चारों तरफ पुलिस-फोर्स की चाक-चौबंद तैनाती कर मंदिर परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। इस दौरान एसडीएम श्रुति शर्मा ने राजस्व विभाग की दो टीमों के साथ मंदिर की चारों तरफ की जमीन की पैमाइश कराई। मापन कार्य के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एएसपी दक्षिणी, सीओ सदर, सीओ बरहज, सीओ भाटपार समेत कोतवाल और थानेदारों की पूरी फौज मौके पर मौजूद रही।
पैमाइश के दौरान मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर आसपास के इलाकों में भारी संख्या में महिला और पुरुष बल तैनात रहा। प्रशासनिक सतर्कता का आलम यह था कि स्थानीय लोग मंदिर परिसर के अंदर और बाहर आने-जाने में पुलिस निगरानी में ही गुजरते रहे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार के स्तर पर भी पूरी निगरानी रही। राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने प्रशासनिक अमले के साथ लगातार संवाद बनाए रखा। वहीं, हनुमान मंदिर के उत्तराधिकारी महंत भी पूरे समय मौके पर डटे रहे। पैमाइश की हर प्रक्रिया महंत और मंदिर समिति की मौजूदगी में की गई, जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति न पैदा हो।
ज्ञात हो कि मनोकामना हनुमान मंदिर की जमीन को लेकर पिछले कई वर्षों से विवाद चल रहा है। प्रशासनिक आदेश के बाद शुक्रवार को कराई गई पैमाइश को विवाद सुलझाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
मंदिर के आसपास स्थानीय लोगों की भारी भीड़ रही, लेकिन पुलिस की सख्त व्यवस्था के कारण किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई। सुबह से दोपहर तक चला यह मापन कार्य शांति और सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ।
इस पैमाइश को लेकर अब पूरे जिले की निगाहें प्रशासनिक रिपोर्ट पर टिकी हैं। राजस्व टीम द्वारा तैयार रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई तय होगी। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो यह पैमाइश मंदिर की जमीन पर चल रहे विवाद को निपटाने में निर्णायक साबित हो सकती है।