देवरिया। शहर के नशामुक्ति केंद्र में इलाज कराने गए राघव नगर के एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक को बीते 11 मई को परिजनों ने नशा से छुटकारा दिलाने के लिए नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। युवक की मौत के बाद परिजनों का बुरा हाल है।
शहर के राघव नगर निवासी बृजेश राव के इकलौते पुत्र रीतेश राव (39) ने बीटेक की पढ़ाई की थी। वह दिल्ली में एक प्रतिष्ठिन कंपनी में नौकरी कर रहे थे। उन्हें नशे लत थी। बीते करीब आठ साल से वह घर पर ही रह रहे थे। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के चचेरे भाई आशुतोष राव ने बताया कि रीतेश माता पिता के इकलौते पुत्र थे। नशे की लत छुड़ाने के लिए बीते 11 मई को रुद्रपुर रोड स्थित एक नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था।
मई की रात करीब नौ बजे मेरी चाची के फोन पर नशामुक्ति केंद्र से सूचना मिली कि रीतेश की तबियत ठीक नहीं है। इस पर हम लोग नशामुक्ति केंद्र पहुंचे। वहां कुछ लोगों ने रीतेश को लाकर गाड़ी में डाल दिया, उन्हें लेकर इमरजेंसी पहुंचे। जहां जांच के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। आशुतोष राव ने नशामुक्ति केंद्र पर रीतेश के इलाज की जांच कराने की मांग की।
उधर, रीतेश राव के मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वहीं कई शुभचिंतक उनके राघव नगर स्थित आवास पर पहुंच गए।