बरहज। लक्ष्मीपुर गांव निवासी और तहसील बार संघ के पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह की मौत के मामले में आरोपी लक्ष्मीपुर के ग्राम प्रधान राजेश यादव ने कुछ दिन पहले कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
इसके पहले वह फरार चल रहे थे। दुबौली के प्रधान गामा यादव भी फरार चल रहे हैं। इससे गांवों का विकास कार्य ठप हो गया है। इसे देखते हुए ब्लॉक के अधिकारियों ने दोनों गांवों में त्रिस्तरीय कमेटी के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है, ताकि विकास कार्य को गति मिल सके। लक्ष्मीपुर और दुबौली गांवों का विकास कार्य एक माह से ठप है। लोगों के अनुसार, अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह के मौत प्रकरण में लक्ष्मीपुर गांव के प्रधान राजेश यादव के जेल चले जाने और दुबौली के प्रधान गामा यादव के फरार होने के कारण दोनों गांवों में विकास नहीं हो पा रहा है। खंड विकास अधिकारी एजाज अहमद ने दोनों गांवाें में त्रिस्तरीय कमेटी के गठन के लिए एडीओ पंचायत मदनमोहन पाठक और सचिव मनोहर लाल से जवाब मांगा है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही दोनों गांवों में विकास कार्य के लिए त्रिस्तरीय कमेटी का गठन करा लिया जाएगा। लक्ष्मीपुर गांव में पांच अप्रैल को अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह चकनाली पर सड़क बनाने का विरोध कर रहे थे, जहां हुई धक्का-मुक्की में उनकी मौत हो गई थी। मामले में एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी को निलंबित कर दिया गया।