रुद्रपुर। वर्ष 2002 में पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत निर्मित नगर पंचायत रुद्रपुर की दो पानी की टंकियाें के निर्माण कार्यों की जांच शुरू हो गई है। अमर उजाला में 29 सितंबर को छह करोड़ खर्च, पानी की आपूर्ति नही शीर्षक से छपी खबर पढ़ कर विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने दोनों टंकियों के निर्माण की गुणवत्ता जांच कराने को मुख्यमंत्री से मिले।
सीएम के निर्देश पर उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास विभाग के सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने 30 सितंबर को चार सदस्यीय टीम गठित कर टंकी निर्माण एवं पाइप लाइन बिछाने में गुणवत्ता जांचने निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2002 में रुद्रपुर नगर में पेयजल पुनर्गठन योजना से छह करोड़ की लागत से दो ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ। इस योजना के तहत पूरे नगर में पाइप लाइन बिछाकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करनी थी। कार्यदायी संस्था जल निगम ने टंकी और पाइप लाइन का काम पूरा कर नगर पंचायत को हैंडओवर कर दिया। लेकिन चार वर्ष से बनकर तैयार ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति नहीं हो रही है। नगर पंचायत प्रशासन के अनुसार वाटर टैंकों के निर्माण और पाइप लाइन बिछाने में मानक की धज्जी उड़ा दी गई। इस कारण टेस्ट भी नहीं हो पा रहा है। विधायक की शिकायत पर गोरखपुर के नगर आयुक्त राजेश त्यागी, जलकल महाप्रबंधक अमरनाथ श्रीवास्तव, जलविभाग इलाहाबाद के अभियंता बलराम सिंह और सुनील कुमार केसरी अधिशासी अभियंता जलकल विभाग की टीम बनाकर एक माह में रिपोर्ट देने को कहा गया है।