देवरिया। स्कूलों के निरीक्षण में गैरहाजिर मिली महिला और विकलांग शिक्षकों को बीएसए माफी देने का मन बना लिया है। इन शिक्षकों का निलंबन रद कर उन्हें उनके तैनाती स्थल वाले विद्यालयों पर भेजा जाएगा। इस कार्रवाई के बाद बंद चल रहे 67 परिषदीय विद्यालयों के ताले खुलने की उम्मीद जग गई है। हालांकि, बीएसए ने ऐसे शिक्षकों को दोबारा पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री विजय कुमार सिंह के नेतृत्व शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार मिश्र से मुलाकात की। संरक्षक श्याम नारायण मिश्र के साथ पहुंचे शिक्षकों ने बीएसए से निलंबित शिक्षकों को बहाल करने, निरीक्षण की विसंगतियों, शिक्षकों की पदोन्नति, जीपीएफ पासबुक को अपडेट करने, मोबाइल पर अवकाश भेजने आदि बिंदुओं पर चर्चा की। बीएसए ने आश्वासन दिया कि निलंबित शिक्षकों के प्रकरण की जांच खंड शिक्षा अधिकारी से कराकर जल्द से जल्द रिपोर्ट मंगा ली जाएगी। बीएसए ने गुणदोष के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही है। बीएसए ने जीपीएफ ऋण, सीसीएल ऋण, व्यक्तिगत ऋण स्वीकृत करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने पदोन्नति के संबंध में आपत्तियों का जल्द से जल्द निस्तारण करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में गोविंद सिंह, शिवाकांत मिश्र, अनिल भारती, अशोक सिंह आदि मौजूद रहे। बेसिक शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि बंद स्कूलों को खुलवाने के इरादे से निलंबित पुरुष शिक्षकों की बहाली कर उन्हें तैनाती स्थल वाले विद्यालयों पर भेजा जाएगा। साथ ही गुण-दोषों को परखा जाएगा। दुबारा पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।