देवरिया। प्रदेश के राजकीय, परिषदीय और सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध पूर्व माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों तथा मदरसों में अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक के बच्चे नवंबर तक खाकी वर्दी में नजर आएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर कवायद शुरू हो गई है। प्रदेश के पौने दो करोड़ बच्चों को डबल ड्रेस देने के लिए आवंटित धनराशि का 75 प्रतिशत धनराशि बैंकों के माध्यम से 529.76724 करोड़ रुपये भेजी जा रही है। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने प्रदेश के सभी बीएसए को सोमवार को पत्र जारी कर दिया है।
प्रदेश में करीब 1.60 लाख प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत् करीब 1.75 करोड़ बच्चों को दो यूनिफॉर्म नि:शुल्क उपलब्ध कराना है। उच्च गुणवत्ता युक्त वर्दी का वितरण विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से समय से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समिति का गठन हुआ है। डीएम की ओर से सीडीओ, महाप्रबंधक/प्रबंधक उद्योग विभाग, मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी, प्राचार्य डॉयट, डीआईओएस सदस्य होंगे जबकि बीएसए सदस्य सचिव होंगे। यह समिति सुनिश्चित करेगी कि 30 नवंबर तक पूर्णरूप से यूनिफॉर्म का वितरण विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से हो जाऐ। समिति जिले के सभी विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष और सचिव को विकासखंड स्तर पर नि:शुल्क यूनिफॉर्म के वितरण से संबंधित प्रक्रिया और वित्तीय प्रशासनिक नियमों की जानकारी देने के लिए प्रभारी अधिकारी नामित होंगे। नामित प्रभारी अधिकारी विद्यालय प्रबंध समितियों के अध्यक्षों की बैठक कर उन्हें निशुल्क यूनिफॉर्म वितरण के क्रय नियम, सैंपल प्राप्त कर गुणवत्ता चेक करेंगे। इसके अलावा शर्ट पैंट, स्कर्ट-ब्लाउज और सलवार-कुर्ते के रंग में भिन्नता न होने देने संबंधी जानकारी देकर प्रशिक्षित करेंगे।
टेंडर की प्रक्रिया अपनाएंगे
क्रय समिति विद्यालय की नामांकन पंजिका देखकर पात्र बच्चों की संख्या का निर्धारण करेगी। कपड़े की गुणवत्ता उत्कृष्ट कोटि की हो, नाप के अनुसार प्रत्येक बच्चे को यूनिफॉर्म प्राप्त हो व यूनिफॉर्म का क्रय नियमों और दिशा निर्देशों के अनुसार हो। रुपये 20,000 या उससे अधिक अनुमानित व्यय होने पर यूनिफॉर्म वितरण के लिए कोटेशन प्राप्त कर और एक लाख रुपये या उससे अधिक अनुमानित व्यय होने पर टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से क्रय करने की कार्रवाई की जाएगी। क्रय समिति की ओर से कोटेशन/टेंडर के साथ कपड़ों/यूनिफॉर्म का एक एक सैंपल भी लिया जाएगा।
चार सौ रुपये का होगा ड्रेस
राजकीय, परिषदीय और सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और सहायतित माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध पूर्व माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों और सहायता प्राप्त मदरसों में अध्ययनरत् कक्षा एक से आठ तक की सभी बालिकाओं और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवार के समस्त बालकों को दो सेट यूनिफार्म निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। जिसकी कीमत चार सौ रुपये होगी। जिले में 30 सितंबर 2012 की कुल 349338 छात्र संख्या को आधार मानकर यूनिफॉर्म दी जाएगी। इसमें अनुसूचित जाति बालकों की संख्या 45059, अनुसूचित जनजाति के 6534, बीपीएल के अंतर्गत कुल बालक 99184 और सभी सभी बालिकाओं की संख्या 198568 है। शासन से 75 प्रतिशत धन यानि 10.48 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया जाएगा।
दिशा निर्देश आ गया
इस बात जिला समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान ओपी प्रजापति ने बताया कि यूनिफॉर्म से संबंधित दिशा निर्देश आ गया है। धन भी आ रहा है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।