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निजी स्कूल नहीं हजम कर सकेंगे छात्रवृत्ति

Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
Deoria
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सलेमपुर। छात्रवृत्ति घोटाला से बचने के लिए प्रशासन ने इस बार नई व्यवस्था की है। निजी स्कूलों के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति की रकम सरकारी स्कूलों के हेडमास्टर/प्रधानाचार्यों के बैंक खाते में भेजी गई है। हेडमास्टर/प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी होगी कि वह निजी स्कूलों में जाकर छात्रवृत्ति वितरण कराएं। इसके चलते कागज में स्कूल चलाने वाले कई शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों में बेचैनी बढ़ गई है।
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सलेमपुर नगर के तीन परिषदीय, दो इंटर कॉलेज और 23 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों का दावा है कि उनके यहां कक्षा एक से आठ तक कुल 12,331 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इन कॉलेजों के प्रधानाध्यापकों/प्रधानाचार्यों ने इन छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति के लिए 44,66,460 रुपये की डिमांड जुलाई 2012 में शासन से की। सूत्रों के मुताबिक इनमें कई ऐसे विद्यालय हैं जिनका अस्तित्व ही नहीं लेकिन उनके यहां भारी भरकम छात्र संख्या दर्शाई गई है। नगर के 24 विद्यालयों के 8,713 छात्र-छात्राओं में बांटने के लिए 38.54 लाख रुपये कन्या प्राथमिक विद्यालय इचौना बाजार, प्राथमिक विद्यालय इचौना बाजार, कन्या जूनियर हाईस्कूल इचौना बाजार के हेडमास्टरों और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सलेमपुर के प्रधानाचार्य के खाते में आ चुकी है। इन लोगों पर छात्रवृत्ति वितरित कराने की जिम्मेदारी है। यह छात्रवृत्ति ओबीसी, एससी/एसटी और सामान्य वर्ग में वितरित की जाएगी। कागजों में विद्यालय संचालित करने वाले प्रबंधकों/प्रधानाचार्यों ने इनकी परिक्रमा लगानी शुरू कर दी है। इस बाबत बीईओ ओमप्रकाश कुशवाहा ने बताया कि हेडमास्टर स्कूलों पर जाकर छात्रवृत्ति बंटवाएंगे। जिन स्कूलों में बच्चे नहीं होंगे। वहां छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी।
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