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एक जनवरी से पुराने चेकों पर भुगतान होगा बंद

Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
Deoria
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देवरिया। लगातार बैंकों के चेक भुगतान में हो रहे फ्राड को रोकने के लिए आरबीआई ने कदम बढ़ा लिया है। सभी बैंकों के चेकों में बदलाव की तैयारी है। चेकों का सिक्योरिटी फीचर चेंज होगा। हर चेक का गुप्त कोड होगा। इसे आरबीआई ने सीटीएस 2010 नाम दिया है।
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रिजर्व बैंक की तरफ से पहली जनवरी से यह व्यवस्था लागू करने का फरमान जारी हुआ है। चेक के जरिए भुगतान में आए दिन फ्राड के मामले सामने आ रहे है। जालसाज कहीं चेक पर प्रिंट खाता नंबर और नाम बदलकर भुगतान निकाल रहे हैं, तो कहीं स्केनिंग के जरिए डुप्लीकेट चेक तैयार कर रहे हैं। बैंकों के तमाम प्रयास के बाद भी जालसाजियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। इसे देखते हुए आरबीआई ने अब खुद फ्राड रोकने की पहल शुरू की है। उसके तरफ से सीटीएस 2010 नाम की व्यवस्था लागू की गई है। जिसके जरिए सारे ग्राहकों का चेक में बदलाव होगा। बैंकों मेें एक मशीन लगेगी जो असली और नकली चेक की पहचान करेगी और चेक कंप्यूटर में रिकार्ड हो जाएगा। चेक पर गुप्त कोड भी दर्ज होगा। 15 दिसंबर से ग्राहकों के घर चेक पहुंचना शुरू हो जाएगा। पुराने चेक को ग्राहक या तो नष्ट करेंगे या बैंक में जमा करेंगे। जिन ग्राहकों का पता बदल गया है उन्हें केवाईसी फार्म भरकर नाम, पता का पहचान पत्र भी देना पडे़गा। बता दें कि एक जनवरी 2013 से देवरिया एसबीआई मुख्य शाखा के लगभग एक लाख 65 हजार ग्राहकों को नई चेक की सुविधा मिलने लगेगी।
नए वर्ष में पुराने चेक से नहीं मिलेगा भुगतान
बडे़-बडे़ नगरों और महानगरों में बिना सीटीएस चेक के भुगतान नहीं होगा। ऐसे में ग्राहकों को सीटीएस 2010 चेक लेना जरूरी कर दिया गया है। बैंकों में लगी ट्रंकेशन मशीन के जरिए चेक रीड होने के बाद चेक पास होगा और भुगतान मिलेगा। अगर कोई व्यक्ति किसी के नाम पुराना चेक काटा तो भुगतान रुक सकता है।
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ग्राहकों के लिए फायदे
चेक में धोखाधड़ी नहीं हो पाएगी।
एकाउंट नंबर मिटाकर दोबारा प्रिंट नहीं हो पाएगा।
चेक स्केनिंग भी नहीं हो पाएगी।
सभी बैंकों के चेकों का सिक्योरिटी फीचर चेंज होगा।
ट्रंकेशन मशीन असली और नकली की पहचान करेगी।
ग्राहकों के हक में आरबीआई का यह सराहनीय कदम है। इससे फ्राड पर शत-प्रतिशत रोक लगने की उम्मीद है। कम पढ़े लिखे लोग भी जालसाजों की ठगी से बचेंगे। रिजर्व बैंक की सीटीएस 2010 व्यवस्था एसबीआई ने लागू कर दी है।
चंद्रमोहन मिश्र, चीफ मैनेजर एसर्बीआई देवरिया।
जालसाजी पर अंकुश लगाने के लिए आरबीआई ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे बैंक और ग्राहक दोनों को सहूलियत मिलेगी। ग्राहकों को शीघ्र यह चेक प्राप्त करने की जरूरत है।
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रणधीर सिंह, प्रबंधक पीएनबी देवरिया।
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