रुद्रपुर। हरनही गांव के एक युवक शव बहरीन से दो माह बाद घर आया। शव आते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। मंगलवार को उसके दरवाजे पर गांव के लोग उमड़ पड़े। युवक की मौत को प्रेम कहानी का परिणाम बताया जा रहा है। उसने बहरीन में खुदकुशी की थी। मृतक गांव की एक लड़की को भगाने में आरोपित था।
रविंद्र कनौजिया पिछले चार साल से सऊदी अरब के बहरीन में रहता था। परिवार वालों के अनुसार उसने 11 सितंबर को बहरीन में खुदकुशी कर ली थी। आत्महत्या का कारण प्यार में नाकाम होना बताया जा रहा है। उसके मौत की खबर मुंबई में कमा रहे उसके भाई को 13 सितंबर को मिली। रविंद्र 15 मई को मुंबई आया था। उसके गांव की एक लड़की 20 मई को गांव से भाग गई। लड़की के पिता ने रविंद्र के खिलाफ लड़की भगाने का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस के अनुसार वह लड़की को बाराबंकी में रखकर विदेश चला गया। जब उसके परिवार पर पुलिस दबाव बनाई तो उसने लड़की का ठिकाना बताया। नौ सितंबर को लड़की बाराबंकी से बरामद कर ली गई। लड़की के बयान पर रविंद्र को लड़की भगाने के जुर्म में आरोपित बनाया गया। इस घटना के बाद रविंद्र परेशान रहने लगा था। लड़की के बरामद होने के दो दिन बाद उसने आत्महत्या कर ली। मृतक के परिवार के लोग दो माह से बेटे का शव आने का इंतजार कर रहा था। शव आने पर वह फफक कर रो पड़ा। कहा कि मेरे बेटे को लड़की ने धोखा दिया है। इसी कारण उसकी मौत हुई। हालांकि मृतक के पिता ने इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है। इस बाबत मदनपुर थाने के प्रभारी ने कहा कि मृतक लड़की भगाने के मामले में नामजद है।