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कलेक्ट्रेट सभागार में किसानों का हंगामा

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कलेक्ट्रेट में आयोजित किसान दिवस में अपनी बात रखते किसान। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किसान दिवस में जमकर हंगामा हुआ। सवालों का समुचित जवाब नहीं मिलने पर भड़के किसानों ने अफसरों के रुख पर नाराजगी जताई। फसल बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की गई।
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भाकियू के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र शाही ने कहा कि फसल बीमा योजना का लाभ देने में कर्मचारी धांधली कर रहे हैं। किसानों के खाते में अभी तक क्षतिपूर्ति नहीं भेजी गई। क्रॉप कटिंग के आधार पर कर्मचारी क्षतिपूर्ति राशि तय करते हैं, लेकिन बीमा कंपनी के कर्मचारी किसानों को चूना लगा रहे हैं। अफसर भी इसे लेकर गंभीर नहीं है। किसानों ने प्रतापपुर चीनी मिल प्रशासन पर गन्ना भुगतान में देरी का आरोप लगाया, जबकि जिला गन्ना अधिकारी ने 99 फीसदी भुगतान होने का दावा किया। किसानों ने उनकी बातों को एक सिरे से खारिज कर दिया। किसान मोर्चा जिला महामंत्री काशीपति शुक्ला ने कहा कि किसानों के सिंचाई के लिए गांवों में लगे ट्यूबवेल नालियों के अभाव में शोपीस बने हैं और कई गांवों में तो खराब पड़े हैं। बैठक में मौजूद सलेमपुर एक्सईएन ने इसे खारिज कर दिया। इस पर किसान भड़क गए। कई गांव का उदाहरण दिया तो एक्सईएन ने बताया कि 100 ट्यूबवेल व नालियों के मरम्मत के लिए धन की मांग की गई है। जिला पशु अधिकारी डॉ. केपी यादव ने कहा कि पशुओं की जरूरी दवाएं अस्पतालों पर उपलब्ध है। किसानों ने कहा कि किसी भी अस्पताल पर पशु पालकों को दवा नहीं दी जाती है, इसकी चेकिंग कराई जाए। नाबॉर्ड के अधिकारी संचित सिंह ने संचालित हो रही योजनाओं को बताते हुए किसानों से इसका लाभ लेने को कहा। किसानों ने कहा कि बैंककर्मी किसानों को ऋण देने से कतराते हैं और दलालों के माध्यम से काम करने में दिलचस्पी दिखाते हैं। लीड बैंक के मैनेजर किसानों को सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस दौरान उप कृषि निदेशक एके मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी मो.मुजम्मिल, रतन शंकर ओझा, भूपेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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