सीतापुर अस्पताल : कर्मचारियों ने बैठक कर मांग की, खाली कराया जाए अस्पताल
आंख के अस्पताल पर अब जुबानी जंग
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सीतापुर आंख के अस्पताल का मामला तूल पकड़ रहा है। अब जुबानी जंग शुरू हो गई है। ग्राम्य विकास मिनिस्टीरियल एसोसिएशन ने बैठक कर आंख के अस्पताल को अवैध बताया। कर्मचारियों ने अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। वहीं प्रभारी डॉ. ने फिर दोहराया कि जो भी कार्रवाई हो, नियमानुसार हो।
बता दें, सीतापुर आंख का अस्पताल विकास भवन कैंपस में अरसे से चल रहा है। इस जगह के मालिकाना हक का मामला कोर्ट में लंबित था। कर्मचारियों के मुताबिक कोर्ट का फैसला विकास भवन के पक्ष में आया है। 5.62 एकड़ जमीन विकास भवन के नाम से अंकित है। मंगलवार को ग्राम्य विकास मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और एक कमरे के बाहर अपने संगठन का नाम अंकित कराया। यह देख सीतापुर आंख अस्पताल के कर्मचारी विरोध करने लगे तो उनकी पदाधिकारियों से कहासुनी हुई। बाद में पुलिस आई तब कहीं मामला शांत हुआ। प्रभारी डॉक्टर एके कटियार ने इसकी शिकायत कोतवाली में की है। अब बुधवार को विकास भवन के कर्मचारियों ने बैठक कर अस्पताल के प्रभारी की ओर दबंगई करने के आरोप को गलत बताया गया। उल्टे अस्पताल को अवैध तरीके से विकास भवन की जमीन को कब्जा कर चलाने का आरोप लगाया।
जिला अस्पताल से किराए
पर ली गई थी यह जमीन
सीतापुर आंख का अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक डॉ. एके कटियार ने पूछे जाने पर बताया कि अस्पताल चलाने के लिए जिला पंचायत से ट्रस्ट को एक रुपये वार्षिक किराए पर जमीन ली गई थी। विकास भवन और जिला पंचायत के बीच जमीन को लेकर कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। अगर विकास भवन के पक्ष में आदेश हुआ है तो नियमानुसार नोटिस देकर खाली कराया जाए। कर्मचारी दबंगई कर रहे हैं। विरोध तो इसका ही किया गया।
सीतापुर आंख का अस्पताल गलत तरीके से विकास भवन परिसर में संचालित हो रहा है। नियमानुसार इसे खाली कराया जाएगा।
-राजेश त्यागी, मुख्य विकास अधिकारी