मनरेगा से एक दिन में निकल गए आठ करोड़ 15 लाख
सर्वाधिक रुद्रपुर और बैतालपुर ब्लॉक में हुआ भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मनरेगा के तहत एक ही दिन में जिले के विभिन्न विकास खंडों में आठ करोड़ 15 लाख 86 हजार रुपये निकाल लिए गए। जबकि सवा माह में पांच करोड़ 83 लाख आठ हजार रुपये की निकासी हुई थी। ऐसे में अभी तक जिले में तकरीबन चौदह करोड़ रुपये का भुगतान विकास कार्यों के नाम पर हो चुका है। मामले में सीडीओ ने जांच बैठा दी है।
जिले के 16 विकास खंडों में शासन के निर्देश हैं कि स्कूल बाउंड्री, पंचायत भवन, पशु शेड, पोषण वाटिका के कार्य प्राथमिकता पर कराए जाएं। लेकिन खंड विकास अधिकारियों की मिलीभगत से इंटरलॉकिंग और भूमिगत नाली का निर्माण धड़ल्ले से करा कर उसका भुगतान किया गया है। सूत्रों की मानें तो जो निर्माण कार्य नहीं हुए, उसका भी बिल फीडिंग कराकर अधिकारियों ने एडवांस में निकाल लिया है। लेकिन इसकी पुष्टि जांच में ही उजागर हो सकेगी। सूत्रों की मानें तो बैतालपुर और रुद्रपुर में बड़े पैमाने पर मनरेगा से विकास कार्यों के भुगतान के नाम पर यह कार्य हुआ है।
विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो 20 जनवरी 2022 को रुद्रपुर में दो करोड़ 99 लाख 19 हजार, बैतालपुर में दो करोड़ 56 लाख 36 हजार, बनकटा में 12 लाख चार हजार, बरहज में 38 लाख 36 हजार, भागलपुर में तीन लाख 25 हजार, भलुअनी में 22 लाख तीन हजार, भटनी में 14 लाख 64 हजार, भाटपाररानी में आठ लाख 86 हजार, देवरिया सदर में 15 लाख 74 हजार, गौरी बाजार में 34 लाख पांच हजार, पथरदेवा में 52 लाख पांच हजार, रामपुर कारखाना में 34 लाख 57 हजार, सलेमपुर में नौ लाख 68 हजार, तरकुलवा में 14 लाख 35 हजार की निकासी यानी, आठ करोड़ 15 लाख 46 हजार रुपये का भुगतान किया गया हैं। लार और देसही देवरिया में भुगतान का डाटा फीड नहीं है।
पथरदेवा और देसही देवरिया में कोई भुगतान नहीं हुआ
आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल 2021 से 19 जनवरी 2022 तक रुद्रपुर में एक करोड़ 33 लाख 76 हजार, बैतालपुर में 27 लाख 17 हजार, बनकटा में 61 लाख 70 हजार, बरहज में 45 लाख 44 हजार, भागलपुर में 11 लाख 86 हजार, भलुअनी में 45 लाख पांच हजार, भटनी में 18 लाख 84 हजार, भाटपाररानी में 90 लाख 11 हजार, देवरिया सदर में 37 लाख 43 हजार, गौरीबाजार में 43 लाख सात हजार, लार में 15 लाख 54 हजार, रामपुर कारखाना में 27 लाख 69 हजार, सलेमपुर में सात लाख 97 हजार, तरकुलवा में 17 लाख का भुगतान किया गया है। यानी कुल पांच करोड़ 83 लाख आठ हजार का भुगतान हुआ। इस दौरान पथरदेवा व देसही देवरिया में कोई भुगतान नहीं हुआ।
कोट..
एक ही दिन में भुगतान का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस संबंध में डीसी मनरेगा से रिपोर्ट तलब करूंगा। पूरे मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-रविंद्र कुमार, सीडीओ
कोट
जो काम हुए थे, उसी का भुगतान लंबित था। निकासी के लिए जिम्मेदार खंड विकास अधिकारी हैं। पूरा विवरण तलब किया जाएगा। बिना कार्य हुए बिल फीडिंग नहीं होती है। अगर बिना कार्य के भुगतान हुआ होगा तो सख्त कार्रवाई होगी।
-विजय शंकर राय, डीसी मनरेगा