फोटो समाचार...
---
- एसएसबीएल इंटर कॉलेज ग्राउंड पर पुतला दहन और मंचन देखने उमड़े शहरवासी
- ग्राउंड के बीच में दोनो ओर की सेनाओं का हुआ युद्घ, संवादों ने मन मोहा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। एसएसबीएल इंटर कॉलेज का ग्राउंड बुधवार की शाम बुराई पर अच्छाई की जीत का गवाह बना। श्रीराम की वानर सेना और रावण की आसुरी सेना के बीच हुए भयंकर युद्ध हुआ और अंत में रावण वध हुआ। धू-धूकर जलते रावण और मेघनाथ के पुतले को देख दर्शक आनंदित हुए।
रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में बुधवार की शाम एसएसबीएल कॉलेज ग्राउंड पर कार्यक्रम में मेले का भी आयोजन लगा। बैरिकेडिंग के बीच में बने स्थान पर एक तरफ श्रीराम सेना तो दूसरी तरफ रावण व उसकी सेना खड़ी थी। रामलीला मंचन के सबसे आकर्षित करने वाले दृश्य पुतला दहन को देखने के लिए महिला-बच्चों की भीड़ उमड़ी रही। मुख्य अतिथि डीएम अमित किशोर व एसपी एन.कोलांची की मौजूदगी में शिवा कला लोक कल्याण समिति मुरादाबाद के कलाकारों ने मंचन की शुरुआत की। पहले दृश्य का प्रारंभ ही रावण के अट्टाहतस से हुई। दूत रावण को सूचना देता है कि युद्घ में कुंभकर्ण मारा गया। यह सुनकर क्रोधित रावण मेघनाथ को युद्ध में भेजता है। मेघनाथ भी लक्ष्मण के हाथों मारा जाता है। अंत में रावण युद्ध करने आता है। राम के कई बार प्रयास के बाद भी रावण को क्षति नहीं पहुंचती तो विभीषण राम को रावण की नाभि पर तीर मारने की सलाह देते हैं। अंत में इस प्रयत्न से रावण मारा जाता है। इसके बाद डीएम एवं एसपी ने पुतले में आग लगाकर इसका दहन किया। पटाखों की गूंज और आग की तेज लपटों के बीच धू-धू कर जलते रावण और मेघनाथ के पुतले को मोबाइल कैमरे में कैद करने के लिए लोगों में होड़ सी लगी रही।
-----
इनसेट
सीता की अग्नि परीक्षा और राज्याभिषेक प्रसंग का मंचन
देवरिया। रामलीला मैदान में बुधवार की रात शिवा कला कल्याण लोक कल्याण समिति के कलाकारों ने सीता की अग्नि परीक्षा और राम का राज्याभिषेक प्रसंग का मंचन किया। रावण का वध कर अयोध्या लौटे श्रीराम व लक्ष्मण को देखते ही अयोध्यावासी भाव से भर जाते हैं। लोग उनका फूलमालाओं से स्वागत करते हैं। आलोक राठौर के निर्देशन में राम-कैलाश चंद भट्ट, लक्ष्मण-राजकुमार, रावण-नरेंद्र कुमार, सहित अन्य कलाकारों के अभिनय कला की सभी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
------
मेघनाद एवं रावण वध प्रसंग का मंचन
बरियारपुर। पांडेयपुर गांव में चल रही रामलीला में बुधवार को हनुमान के लंका दहन के बाद वह वापस आकर श्रीराम से सारा वृतांत सुनाते हैं। दूत बनकर पहुंचे अंगद रावण को समझाते हैं कि मां सीता को लौटा दो और प्रभु की शरण में आ जाओ, लेकिन अहंकारवश रावण नहीं मानता। फिर श्रीराम सेना लंका में आक्रमण कर देती है। रावण अपने पुत्र मेघनाद को भेजता है। लक्ष्मण पर शक्ति बाण से प्रहार करता है और लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। हनुमान जी सुषेन वैद्य को लाते हैं, इसके बाद संजीवनी से लक्ष्मण की मूर्छा खुलती है। फिर लक्ष्मण के हाथों मेघनाद और श्रीराम के हाथों रावण भी मारा जाता है। इससे पूर्व व्यवसायी संजय केडिया ने राम दरबार की आरती व पूजन-अर्चन करके रामलीला का शुभारंभ कराया।