देवरिया। नगरीय निकायों के वार्डों का परिसीमन शासन ने निरस्त कर दिया है। अब दोबारा निर्धारण होना है। इसके पहले ओबीसी की रैपिड सर्वे भी निरस्त हो चुका है। डीएम ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। उन्होंने 10 दिन में रिपोर्ट तलब किया है।
नगरीय निकाय निदेशालय ने वर्ष-2011 की आबादी के अनुसार निकायों के वार्डों का परिसीमन तैयार करनेे का आदेश दिया। जिले में 11 नगरीय निकाय, जिसमें देवरिया और बरहज नगर पालिका परिषद, रामपुर कारखाना, गौरीबाजार, रुद्रपुर, सलेमपुर, लार, मझौलीराज, भटनी, भाटपाररानी और बरियारपुर नवसृजित टाउन एरिया है। इसके तहत अप्रैल में वार्डों का परिसीमन शुरू हुआ। मोहल्लों के इलाकों को जोड़ने-घटाने में खेल हुआ। प्रभावशाली सभासद और संभावित दावेदारों के इशारे पर इधर से उधर किया गया। विभिन्न निकायों में 163 आपत्ति दर्ज हुई, जिसका एसडीएम के स्तर से निस्तारण कर दिया गया। मामला नहीं बनने पर हाईकोर्ट और शासन में शिकायत दर्ज की गई। फिलहाल नगरीय निकायों का कार्यकाल अब खत्म होने लगा है। ऐसे में वार्डों का परिसीमन निरस्त होने से संभावित दावेदारों की धड़कने बढ़ गई हैं।
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ऐसे करना था परिसीमन
निकाय की आबादी और वार्डों की संख्या में विभाजित करना था, जिससे प्रत्येक वार्ड की आबादी औसत हो जाएं। विशेष हालात में 15 प्रतिशत से कम या अधिक नहीं हो सकती है। नवीन वार्ड में पूरे मोहल्लों को रखना था।
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शासन के निर्देश पर कमेटी गठित कर दी गई है। आपत्तियों का निस्तारण निर्धारित अवधि में हो जाएगा। वार्डों का निर्धारण और परिसीमन त्रुटि रहित कराया जाएगा।
-सीताराम गुप्त, एडीएम वित्त/राजस्व