देवरिया। भूमि संरक्षण विभाग में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ भाकियू ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को छह सूत्री मांगों का ज्ञापन देकर सरकारी धन के बंदरबांट की जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा है कि भूमि सेना योजनांतर्गत विकास खंडों के चयनित गांवों में वर्ष 2015-16 और उसके पहले परियोजना वार कार्यों में अनियमितता कर धन का बंदरबांट किया गया है। नाबार्ड योजना के तहत किसानों के खेतों में कार्यों के भुगतान, लैंड रेजर मशीन से खेतों के समतलीकरण का विकास खंडों में प्रदर्शन किया जाना था, लेकिन भूमि संरक्षण अधिकारी ने किसानों का शोषण कर लाखों रुपये की हेराफेरी की। इसके अलावा विभिन्न परियोजनाओं में लगाए गए बोर्डों का बिना टेंडर कोटेशन के अधिक दाम पर खरीदारी हुई। कार्यकर्ताओं ने इसकी जांच टीएसी से कराने की मांग की है। जांच न होने पर 9 अगस्त से धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इस दौरान जिलाध्यक्ष विनोद गुप्ता, राघवेंद्र प्रताप शाही, धर्मेन्द्र राव, कुंवर राणा प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।